- दो महीने सरकारी दुकानों से चावल के बदल दिया जाएगा
गर्मी में गरम फैसला, चावल की जगह राशन में मिला मंडुआ, उपभोक्ता परेशान
बसंत कुमार
हरिद्वार। सरकार द्वारा जनपद के 11.32 लाख राशन उपभोक्ताओं को अप्रैल और मई माह में चावल के स्थान पर मंडुआ देने की योजना पर सवाल खड़े हो गए हैं। भरी गर्मी के मौसम में मंडुआ वितरण को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी है और कई लोग इसे लेने के लिए तैयार नहीं हैं।
जनपद में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 2,17,778 सफेद कार्ड दर्ज हैं, जिनमें 9,92,000 सदस्य शामिल हैं। वहीं अंत्योदय योजना के 37,000 गुलाबी कार्ड हैं, जिनमें 1,40,000 सदस्य पंजीकृत हैं। योजना के अनुसार, दोनों श्रेणियों के कार्डधारकों को अप्रैल और मई के राशन में मिलने वाले प्रति व्यक्ति चार किलोग्राम चावल की जगह मुफ्त में मंडुआ दिया जा रहा है, जिसे पहले ही सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर भेजा जा चुका है।
हालांकि, उपभोक्ताओं का कहना है कि मंडुआ की तासीर गर्म होती है और इसे आमतौर पर सर्दियों में खाने की सलाह दी जाती है। ऐसे में गर्मी के मौसम में इसे राशन के रूप में दिए जाने पर लोग असहज हैं। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं को जबरन मंडुआ दिए जाने की भी शिकायतें सामने आ रही हैं। इस निर्णय को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और उपभोक्ताओं में असंतोष का माहौल बना हुआ है।
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सरकार ने सरकारी दुकानों के लिए मंडुआ भेजा दिया है। इसे राशन डीलरों की ओर से उठवाया जा रहा है। प्रति महीने मिलने वाले चावल में से दो किलोग्राम चावल के बदले मंडुआ अप्रैल व मई के महीने में दिया जाएगा। - प्रशांत मैठानी, वरिष्ठ विपणन अधिकारी, ज्वालापुर
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जितने भी मोटे अनाज होते हैं, उनका सेवन सर्दी के मौसम में ज्यादा फायदेमंद रहता है। मंडुआ भी सर्दियों में लाभ देता है। हालांकि, गर्मी में भी मंडुआ खा सकते हैं लेकिन यह पेट में दिक्कत कर सकता है। मंडुआ देर से पचता है इसलिए कम मात्रा में मुंडआ मिक्स आटा के साथ खाएं ताकि कोई नुकसान न हो सके। - डाॅ. अवनीश उपाध्याय, वरिष्ठ चिकित्सक, ऋषिकुल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज