नेशनल राजाजी टाइगर रिजर्व के उप वन संरक्षक को सूचना नहीं देना महंगा पड़ गया। राज्य सूचना आयोग ने उप वन संरक्षक किशन चंद पर 25000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत ने तीन जनवरी को द्वितीय अपील का निस्तारण किया। उन्होंने अपने आदेश में किशन चंद को एक महीने के अंदर 25000 रुपये जमा कराने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक को उनके देयों से कटौती कर जुर्माने की धनराशि राजकोष जमा कराकर आयोग में प्रमाण प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। हजारी बाग कनखल निवासी धर्मवीर सैनी ने राजाजी टाइगर रिजर्व में 36 करोड़ रुपये की लागत से बनी सुरक्षा दीवार के बनने के साथ ही कई जगह टूटने पर टाइगर रिजर्व के लोक सूचना अधिकारी से सूचना मांगी थी। सूचना नहीं दिए जाने पर आवेदक ने प्रथम विभागीय अपीलीय अधिकारी राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक समक्ष अपील की थी। उन्होंने भी सूचना देने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी सूचना नहीं देने पर द्वितीय अपील आयोग में की गई। आयोग ने 8 नवंबर को लोक सूचना अधिकारी / उप वन संरक्षक किशन चंद को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण तलब किया था। उनकी ओर से आयोग को बताया कि सूचना पांच फरवरी को भेज दी गई थी, लेकिन इसका कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाए। आयोग ने एक सप्ताह के अंदर पंजीकृत डाक से सूचना भेजने का आदेश दिया। इसका भी अनुपालन नहीं किया गया तो आयोग ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए अपील का निस्तारण कर दिया।