हरिद्वार। रेलवे स्टेशन पर आपदा पीड़ितों के आने का सिलसिला अब कम हो गया है। शुरुआती दिनों में पीड़ितों की संख्या सैकड़ा पार कर गई थी लेकिन इस समय दहाई के अंक पर अटक गई है। अब शिविरों के आसपास लापता पीड़ितों के परिजन ही नजर आ रहे हैं। इनमें किसी के हाथ लापता परिजन की फोटो है तो किसी का मायूस सा चेहरा अपनों को ढूंढता नजर आता है।
17 जून को केदारनाथ में आई आपदा के बाद देश के विभिन्न राज्यों ने रेलवे स्टेशन पर आपदा पीड़ितों के लिए सहायता शिविर खोले थे। सबसे पहले 20 जून को महाराष्ट्र सरकार ने शिविर स्थापित किया था। उसके अगले दिन गुजरात सरकार ने शांतिकुंज में शिविर लगाया। राजस्थान सरकार की ओर से भल्ला कालेज में शिविर स्थापित किया। कर्नाटका सरकार की ओर से बस अड्डे पर और 24 जून को बिहार, मध्यप्रदेश और ओडिसा सरकार की ओर से रेलवे स्टेशन पर शिविर लगाया। शुरूआत में इन शिविरों में पीड़िताें की संख्या सैकड़ा पार कर रही थी लेकिन अब दहाई के अंक पर अटक गई है।
राजस्थान सरकार की ओर से लगाए गए शिविर में 21 जून को 78, 22 को 123, 23 को 119, 24 को 143, 25 को 42, 26 को 29, 27 जून को 67 पीड़ित घर भेजे। बिहार सरकार की ओर से रेलवे स्टेशन पर लगाए शिविर में 24 जून को 22, 25 को 21, 26 को 24, 27 जून को 95 पीड़ितों को घर तक पहुंचाया। मध्यप्रदेश सरकार की ओर से 294, पश्चिमी बंगाल सरकार की ओर से 675, महाराष्ट्र सरकार की ओर से 1793, उड़ीसा सरकार की ओर से 367 पीड़ित भेजे।