हरिद्वार। रेल बजट में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर तमाम दावे किए गए हैं। बावजूद इसके ट्रेनों में इनकी सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नजर नहीं आते। बुधवार तड़के रुड़की क्षेत्र में चलती ट्रेन में युवती से पर्स लूट लिया। महिला कोच में भी पुरुषों का कब्जा रहता है। तमाम घटनाओं के बाद भी रेलवे कोई सबक नहीं ले रहा है।
रेलवे ने अकेले सफर करने वाली महिलाओं के लिए ट्रेनों में महिला कोच की व्यवस्था की है। नियम के मुताबिक इस कोच में केवल महिलाएं ही यात्रा कर सकती हैं। पुरुषों के प्रवेश को दंडनीय अपराध माना गया है। लेकिन, इस कोच में महिलाएं कम पुरुष ज्यादा नजर आते हैं। सब कुछ देखते हुए भी जीआरपी और आरपीएफ ने कोई सख्त कदम नहीं उठाए। दोनों थानों की पुलिस अलग अलग बयानबाजी कर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ती नजर आ रही है।
गश्त के दौरान अगर कोई पुरुष महिला कोच में पाया जाता है तो उसे तत्काल वहां से हटाया जाता है। शिकायत मिलने पर भी कार्रवाई की जाती है। कई बार महिलाएं अपने परिजनों के साथ महिला कोच में यात्रा करती हैं।
देवेंद्र नबियाल, जीआरपी थाना प्रभारी
थाना कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर महिला कोच में पुरुष दिखें तो उन्हें तत्काल हटाएं। शिकायत मिलने पर भी कार्रवाई होती है। बहुत दिनों से इस तरह की शिकायत नहीं आई है।
डीएस चौहान, आरपीएफ थाना प्रभारी