फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रुड़की की पटरी पर नहीं दौड़ा बंसल बजट

Wed, 27 Feb 2013 05:30 AM IST
Haridwar
विज्ञापन
विज्ञापन
रुड़की। मंगलवार को संसद में पेश किए गए रेल बजट में रुड़की को पूरी तरह से मायूसी हाथ लगी। क्षेत्र के लोगों की उम्मीदों की पटरी पर रेलमंत्री पवन बंसल का बजट एक कदम भी नहीं चल पाया। सुविधाओं से लाचार ए ग्रेड के रुड़की रेलवे स्टेशन को बजट में पूरी अनदेखा किया गया है। जबकि इस स्टेशन से आईआईटी, रुड़की कैंट, सीबीआरआई, एनआईएच जैसे संस्थान जुड़े हैं। इन संस्थानों में आए दिन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों का आना जाना लगा रहता है। इसके बावजूद रुड़की रेलवे स्टेशन की समस्याओं को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया। आसपास के स्टेशनों को भी अनदेखा किया गया। बजट में ऐसी कोई घोषणा क्षेत्र के हिस्से में नहीं आई है। जिससे क्षेत्र के लोगों का लाभ मिल सके।
विज्ञापन


इन उम्मीदों का लगा झटका

रुड़की-देवबंद रेल लाइन पर नहीं दिया ध्यान
रुड़की-देवबंद रेल लाइन की स्वीकृति को पांच साल बीत चुके हैं। 2008 में तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने इसकी घोषणा की थी। इस लाइन के बनने से दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर हो जाती काफी कम। लोगों के समय में होती काफी बचत। लेकिन इस बजट में इस रेल लाइन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

स्टेशन पर बना रहेगा सुविधाओं का टोटा
रुड़की रेलवे स्टेशन भले ही ए ग्रेड का हो। लेकिन यहां टिकट के लिए लंबी कतारें लगती हैं। आरक्षण के लिए एक ही खिड़की होने से लोगों को घंटों लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है। सुंदरीकरण के लिहाज से भी यह स्टेशन पिछड़ा हुआ है। सफाई के भी पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। पानी की भी किल्लत रहती है। लाइट जाने पर रात के समय अंधेरा छा जाता है। बैरक और आवास भी जर्जर हाल में है।
विज्ञापन


लंबी दूरी की ट्रेनें भी निकलेंगी चिढ़ाते हुए
ए ग्रेड के रुड़की रेलवे स्टेशन पर कई लंबी दूरी की ट्रेनें नहीं रुकती हैं। रेल बजट से उम्मीद थी कि इस बार रुड़की रेलवे स्टेशन पर इन ट्रेनों का स्टॉपेज होगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ऐसे में अब हिमगिरी, जनसेवा, जननायक, अर्चना, गरीब रथ, अकाल तख्त, नंगलडैम, जनसाधारण आदि ट्रेनें रुड़की स्टेशन के यात्रियों को चिड़ाती हुई निकलेंगी।

अभी और करना पड़ेगा फाटकों पर इंतजार
रुड़की क्षेत्र में कई ऐसे रेलवे फाटक हैं। जिनके बंद हो जाने से लोगों के तमाम कार्य रुक जाते हैं। लोगों को घंटों तक फाटक के खुलने का इंतजार करना पड़ता है। इस बार उम्मीद थी कि ढंडेरा फाटक, पाडली फाटक, डोसनी फाटक, चुड़ियाला फाटक आदि के लिए ओवरब्रिज की घोषणाएं हो जाए। लेकिन शायद अभी क्षेत्र के लोगों को इसके लिए अगले रेल बजट तक का इंतजार करना पड़ेगा।

कोट.... फोटो भी लगाए सिंगल कॉलम
‘रेल बजट में भले ही रुड़की के लिए कोई घोषणा न हो पाई हो। लेकिन इसके लिए यहां की जनता को निराश होने की जरूरत नहीं है। उनकी सभी उम्मीदों को पंख लगेंगे। इसके लिए ज्यादा इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। - हरीश रावत, केंद्रीय जल संसाधन मंत्री,
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें