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अप्रैल में भी बाहर निकली उत्तरपुस्तिकाएं

Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
Haridwar
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हरिद्वार। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) की अप्रैल-मई 2012 में कराई गई परीक्षा के दौरान भी उत्तरपुस्तिकाएं हल करने के लिए परीक्षा केंद्र से बाहर लाई गई। एनआईओएस की परीक्षा में ठेका लेकर पास कराने का यह खेल वर्षों से चल रहा है। पूरा मामला सामने आने के बावजूद अधिकारी जांच पड़ताल के बजाए लीपापोती का प्रयास कर रहे हैं।
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एनआईओएस की ओर से साल में दो बार मुख्य परीक्षा कराई जाती है। अप्रैल-मई के बाद अक्तूबर-नवंबर में 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा होती है। इस बार चार अक्तूबर से सात नवंबर तक कराई गई परीक्षा के दौरान पैसे लेकर परीक्षार्थियों को पास कराने का ठेका लिया गया। हरिद्वार के कुछ परीक्षा केंद्रोें से उत्तर पुस्तिकाएं बाहर लाई गई और उन्हें कोचिंग सेंटर्स एवं घरों में बैठकर ही भरा गया। ‘अमर उजाला’ ने 21 नवंबर के अंक में इस पूरे गोरखधंधे का खुलासा किया। अमर उजाला ने इस मामले की आगे पड़ताल की तो और भी चौंकाने वाली बात सामने आई। एनआईओएस की परीक्षा में केंद्र से बाहर प्रश्नपत्र हल किए जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इसी तरह का खेल कई बार किया जाता रहा है।
अप्रैल-मई में कराई परीक्षा में भी उत्तर पुस्तिकाएं केंद्र से बाहर लाई गई थी। अमर उजाला के पास इसका प्रमाण भी मौजूद है। 21 अप्रैल 2012 को 12वीं कक्षा का कंप्यूटर साइंस का पेपर था और सैकड़ों परीक्षार्थियों के पेपर केंद्रों से बाहर हल कराए गए। अन्य पेपरों में भी यही खेल होता रहा। पूरे प्रदेश में एक गिरोह सक्रिय है जो परीक्षार्थियों को पास कराने का ठेका लेता है। दूसरी ओर एनआईओएस के अधिकारी मामले में कार्रवाई करने के बजाए लीपापोती के प्रयास में जुटे हुए हैं। देहरादून रीजन की सहायक निदेशक संध्या कुमार का कहना है कि इस मामले में उन्हें अभी तक लिखित शिकायत नहीं मिली है।
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