हरिद्वार। जिला अस्पताल प्रशासन ने परिसर से पार्किंग ठेकेदार की मनमानी रेट लिस्ट हटा दी है। प्रमुख अधीक्षक ने पार्किंग ठेकेदार को नोटिस जारी करने की बात कही है। साथ ही कहा कि अस्पताल के जिम्मेदार कर्मचारी से भी इस बाबत जवाब तलब किया जाएगा।
‘अमर उजाला’ ने बुधवार को ‘बिना रेट तय किए दिया पार्किंग ठेका’ शीषर्क से जिला अस्पताल की पार्किंग में मनमाने रेट वसूलने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद जिला अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में जब प्रमुख अधीक्षक ने जांच की तो सच जानकार उनके भी पैरों तले जमीन खिसक गई। प्रमुख अधीक्षक की अनुमति लिए बगैर ठेकेदार ने अवैध रेट के बोर्ड परिसर में चस्पा कर दिए और वसूली करता रहा। बुधवार दोपहर प्रमुख अधीक्षक ने ठेकेदार को कार्यालय में तलब किया लेकिन वह वहां से खिसक गया। अधीक्षक ने ठेकेदार के एक आदमी की क्लास ली। इस दौरान उन्होंने पार्किंग का दायित्व संभाल रहे अधिकारी को बुलाया लेकिन वह भी वहां मौजूद नहीं मिले। इससे बाद प्रमुख अधीक्षक ने अपने सामने परिसर से पार्किंग रेट के अवैध बोर्ड जब्त किया।
इस दुस्साहस पर क्या होगी कार्रवाई
पार्किंग ठेकेदार का दुस्साहस तो देखिए बिना अनुमति लिए पार्किंग के रेट का बोर्ड अस्पताल परिसर में चस्पा कर दिए। इसकी आड़ में सात सितंबर से अवैध वसूली जारी है। लोगों से बाइक के 10, कार 30, टैक्सी वाहन के 35 और साइकिल से पांच रुपये वसूले जाते रहे। लोग यही समझते रहे कि अस्पताल प्रशासन अनुमति से यह शुल्क लिया जा रहा है। अब देखना यह है कि ठेकेदार के खिलाफ अस्पताल प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
वाहन अवैध शुल्क नए शुल्क
साइकिल 5 रुपये 2 रुपये
स्कूटर-बाइक 10 रुपये 5 रुपये
कार व टैक्सी 30-35 रुपये 10 रुपये
परिसर से अवैध पार्किंग रेट के बोर्ड हटा दिए हैं। इनकी जगह सही पार्किंग रेट के बोर्ड लगाए जाएंगे। ठेकेदार को नोटिस जारी किया जाएगा। पार्किंग ठेके के देखरेख की जिम्मेदारी एक अधिकारी के पास थी उनसे जवाब तलब किया जाएगा।
- डा. अजब सिंह, प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल