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सिपाही ने रोडवेज चालक को पीटा, बसों का संचालन किया ठप

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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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रोडवेज बस अड्डे के बाहर बस खड़ी कर सवारी उतार रहे चालक और पुलिस के सिपाही के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि सिपाही ने बस चालक हरेंद्र के पहले तो बाहर ही थप्पड़ जड़ दिए। सिपाही इतने में ही शांत नहीं हुआ और अंदर कार्यालय में पहुंचकर चालक को जमकर पीटा। चालक के साथ मारपीट के विरोध में सभी रोडवेजकर्मी एकजुट हो गए और बसों का संचालन बंद कर दिया। मामला बढ़ने पर कोतवाल प्रवीण कोश्यारी और जीआरपी थाना इंचार्ज अनुज सिंह मौके पर पहुंचे। दोनों पुलिस अधिकारियों ने रोडवेज के अधिकारियों और यूनियन पदाधिकारियों के साथ वार्ता की। सिपाही गोपाल तोमर के बस चालक से माफी मांगने के बाद ही मामला शांत हुआ।
शनिवार की सुबह करीब 10 बजे हरिद्वार डिपो की बस बाहर से यहां आई थी। चालक हरेंद्र बस को अड्डे के बाहर खड़ी करके सवारियां उतारने लगा। इससे जाम की स्थिति बन गई। इसी दौरान नगर कोतवाली का सिपाही गोपाल तोमर वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने चालक को बस आगे बढ़ाने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि सिपाही ने चालक को थप्पड़ मार दिए। इसके बाद सिपाही ने अंदर कार्यालय में जाकर भी चालक के साथ मारपीट की। इसके विरोध में सभी रोडवेज कर्मचारी एकजुट हो गए और उन्होंने बसों का संचालन रोक दिया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। रोडवेजकर्मी आरोपी सिपाही के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। सूचना मिलते ही नगर कोतवाली प्रभारी प्रवीण कोश्यारी और जीआरपी थाना इंचार्ज अनुज सिंह पुलिस फोर्स के साथ रोडवेज अड्डे पहुंच गए। दोनों ने रोडवेज कर्मचारियों को मनाने की कोशिश की लेकिन वह आरोपी सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ रहे। करीब आधे घंटे चली वार्ता के बाद आरोपी सिपाही गोपाल तोमर की ओर से चालक हरेंद्र से माफी मांगने पर मामले का पटाक्षेप हुआ।
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यात्रियों को उठानी पड़ी परेशानी
करीब डेढ़ घंटे चले विवाद के दौरान उत्तराखंड रोडवेज की बसों का संचालन नहीं होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान करीब 20 बसें अड्डे के अंदर खड़ी थी। कई बसों में यात्री सवार थे। स्थानीय रूटों की बसों को भी रोक दिया। ऐसे में कई यात्रियों को बसें छोड़कर दूसरे वाहनों का सहारा लेना पड़ा। बाहरी प्रदेशों की बसों का संचालन जरूर होता रहा। दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के बाद ठीक साढ़े ग्यारह बजे बसों का संचालन सुचारु हो सका।
यूनियन ने उठाई विभागीय कार्रवाई की मांग
मामला निपटने के बाद उत्तराखंड रोडवेज इंपलाइज यूनियन की हरिद्वार शाखा के पदाधिकारियों ने बैठक कर आरोपी सिपाही के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की भी मांग की। बैठक में शाखा अध्यक्ष लोकेंद्र रोड ने कहा कि पुलिसकर्मी पहले भी स्टाफ के साथ मारपीट कर चुके हैं। दो महीने पूर्व भी पूछताछ काउंटर के एक कर्मचारी और दो साल पहले एक चालक के साथ मारपीट की गई थी। बैठक में सुनील तायल, जयदेव सिंह, प्रवीण सैनी, योगेश शर्मा, मानसिंह, विनोद कुमार, वेद प्रकाश आदि मौजूद रहे।
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पुलिस को सड़क पर स्टाफ को पीटने का अधिकार नहीं है। यदि किसी रोडवेजकर्मी से शिकायत है तो उसकी लिखित में देना चाहिए या कानूनी कार्रवाई करें। इस तरह की घटना दोबारा न हो इस संबंध में उच्च अधिकारियों से वार्ता की गई और साथ ही आरोपी सिपाही पर विभागीय कार्रवाई की मांग उठाई है।
- आलोक बनवाल, एआरएम हरिद्वार
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