हरिद्वार। जिला पंचायत हरिद्वार की राजनीति में पहली बार संचालन समिति में तकरार मुकदमे तक पहुंच गई। जिला पंचायत संचालन समिति की सदस्य रानी देवयानी सिंह ने अन्य दो सदस्यों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। तहरीर में ड्यूटी समय के बाद कार्यालय खोलकर कार्य करना, उन्हें बदनाम करने की साजिश के तहत कार्य करने का आरोप लगाया।
जिला पंचायत चेयरमैन हरिद्वार को निलंबित करने के उपरांत शासन ने जिला पंचायत के कार्यों को संचालित करने के लिए तीन सदस्यों की समिति का गठन किया है। जिसमें रानी देवयानी के अलावा मौ. सत्तार एवं अमीलाल वाल्मीकि को नामित किया गया है। आरोप है कि नामित दो सदस्य मौ. सत्तार एवं अमीलाल वाल्मीकि जिला पंचायत कार्यालय में 6 फरवरी की शाम साढ़े छह बजे पहुंचे और कार्यालय जबरदस्ती खुलवाया । लेखाकार को बुलवाकर वेतन से संबंधित नोटशीट एवं पूर्व तिथि में हस्ताक्षर किए गए हैं। कर्मचारियों को भी जान से मारने की धमकी देकर कहा गया कि हम पूर्व तिथि में ही काम करेंगे। इसके फोटो भी मोबाइल से खींचे गए। यह आचरण अनुचित, आपत्तिजनक और शासकीय दृष्टि से अपराध है, जोकि सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाना है तथा त्रिस्तरीय समिति की वरिष्ठ सदस्य के नाते उन्हें सूचित तक नहीं किया गया। तहरीर में अवगत कराया है कि यह रानी देवयानी को बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने घटनाक्रम का संज्ञान ग्रहण कर उचित कार्रवाई करने की गुहार लगायी है। तहरीर सीओ कार्यालय को भेजी गई जहां से सीओ सिटी ने नगर कोतवाली प्रभारी को भेज दी। तहरीर पर कोतवाली के एसएसआई जगमोहन रमोला ने बताया कि तहरीर मिल गई है, जांच करने के बाद ही कार्रवाई होगी।
मौ. सत्तार एवं अमीलाल बोले कोई अनुचित कार्य नहीं किया
जिला पंचायत संचालन समिति के सदस्य मौ. सत्तार का कहना है कि उन्होंने किसी सरकारी कार्य में बाधा नहीं पहुंचायी। किसी भी कर्मचारी को वाद विवाद दुर्व्यवहार नहीं किया। जान से मारने की धमकी देने का आरोप पूरी तरह से निराधार है। विधायक दबाव में लेने की राजनीति कर रहे हैं। किसी के दबाव में आकर गलत काम नहीं करेंगे। भ्रष्टाचार को लेकर लड़ाई जारी रहेगी। समिति सदस्य अमीलाल वाल्मीकि का कहना है कि जिला पंचायत के सदस्य है और संचालन समिति में सरकार की ओर नामित सदस्य है। वह किसी भी समय कार्यालय में पहुंच सकते हैं। छह फरवरी को भी वह ड्यूटी समय में कार्यालय पहुंचे थे। विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का मंतव्य भी स्पष्ट नजर नहीं आ रहा है। वह क्यों अनॉप-शनॉप आरोप लगा रहे हैं। वह उनका सम्मान करते हैं, लेकिन दबाव में आकर बिना जांच समिति की रिपोर्ट आने से पूर्व बजट जारी नहीं होने देंगे।
मौ. सत्तार को हटाने के लिए साथ आए अन्य चार विधायक
प्रेसवार्ता कर मौ. सत्तार पर लगाए गंभीर आरोप और विकास कार्यों में बाधा पहुंचाने की बात कही
हरिद्वार। जिला पंचायत की संचालन समिति से मौ. सत्तार को हटाने के लिए विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के साथ अन्य चार विधायक भी साथ में आए गए है। संयुक्त प्रेसवार्ता कर विधायकों ने जिला पंचायत कार्यालय में प्रेसवार्ता कर मौ. सत्तार पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से मिलने की बात कही। उन्होंने कहा कि पूर्व बसपा के नेता और भाजपा विरोधी व्यक्ति को समिति में कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को जिला पंचायत कार्यालय परिसर में गेस्ट हाउस में विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के साथ विधायक संजय गुप्ता, स्वामी यतीश्वरानंद, प्रदीप बत्रा, सुरेश राठौर पहुंचे। उन्होंने पहले गहन चर्चा की और इसके बाद प्रेसवार्ता की। विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने बताया कि बसपा के बैनर पर दो बार बनें पूर्व विधायक मौ. शहजाद के भाई मौ. सत्तार को जिला पंचायत की संचालन समिति में शामिल कर दिया गया। मौ. सत्तार के छोटे भाई की पत्नी अंजुम बेग को भ्रष्टाचार के चलते तत्कालीन सरकार ने निलंबित करते हुए अधीकार सीज कर दिए थे, लेकिन यह व्यक्ति संचालन समिति में शामिल होते ही भ्रष्टाचार को अंजाम पहुंचाने के मंतव्य से पहुंच गए और विकास कार्यों के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। लक्सर विधायक संजय गुप्ता एवं स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि भाजपा विरोधी व्यक्ति को जिला पंचायत संचालन समिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे प्रकरण पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिलकर अवगत कराएंगे।