अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। भेल के पूर्व महाप्रबंधक तथा इंजीनियरिंग कालेज कोर के पूर्व रजिस्ट्रार राजेश भट्ट का अंतिम संस्कार यहां कनखल स्थित श्मशान घाट पर किया गया। उनके बेटे अंकुर भट्ट ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।
67 वर्षीय भट्ट का बुधवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। भेल के पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक चंद्र प्रकाश झींगरन ने बताया कि राजेश भट्ट ने बीएचईएल के विभिन्न संस्थानों में आयोजित नाटकों में भी प्रभावशाली अभिनय किया। वे नाट्य संस्था कला संगम से भी 1973 से जुडे़ रहे। उन्होंने 1971 से ही अपनी नाट्य कला का प्रभावशाली मंचन शुरू कर दिया था और वे नाट्य कला हबीब नाइट के लोकप्रिय कलाकार थे। झींगरन ने बताया कि वे गंभीर तथा हास्य भूमिका रंगमंच पर बडे़ प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करते थे।
गंगासभा हरिद्वार के महामंत्री रामकुमार मिश्रा, बीएचईएल के पूर्व निदेशक एमके मित्तल, पूर्व कार्यपालक निदेशक राजीव मेहरा, महाप्रबंधक बीके रायजादा, राजीव शर्मा, अशोक गुप्ता, अतुल शुक्ला, पूर्व महाप्रबंधक राजीव भटनागर, खालिद जहीर, अपर महाप्रबंधक जनसंपर्क राकेश माणिकताला, नगर प्रशासक संजय पंवार, अजीत अग्रवाल, चंद्र प्रकाश झींगरन, डा. नरेश मोहन, पूर्व आईएएस अधिकारी सुंदर लाल मुयाल, राजभाषा विभाग के प्रभारी विनीत वशिष्ठ आदि ने भट्ट को श्रद्धांजलि अर्पित की।