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बोर्ड परीक्षा से पहले अशासकीय स्कूलों के शिक्षकों ने पकड़ी आंदोलन की राह

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले ही अशासकीय स्कूलों के प्रधानाचार्यों व शिक्षकों ने आंदोलन की राह पकड़ ली है। जिले के 56 अशासकीय स्कूलों के प्रधानाचार्यों को केंद्र व्यवस्थापक व कस्टोडियन नहीं बनाने से नाराज शिक्षकों ने मुख्य शिक्षाधिकारी पर भेेदभाव का आरेाप लगाया है।
पांच मार्च से बोर्ड शुरू होने वाली है। परीक्षा संपन्न कराने को जिले में 93 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें अशासकीय स्कूलों मेें प्रधानाचार्यों को केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी न सौंपकर दूसरे स्कूलों के प्रधानाचार्यों को केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया है। जिसे लेकर अशासकीय स्कूलों के प्रधानाचार्यों व शिक्षकों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। शिक्षकों ने स्कूलों में बैठक कर मुख्य शिक्षाधिकारी के फैसले पर एतराज जताया है। शिक्षकों ने मांग उठाई कि उनके विद्यालयों में उनके ही प्रधानाचार्यों को केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी सौंपी जाए। शिक्षकों का कहना है कि पूरे जिले में अशासकीय स्कूलों के महज 13 प्रधानाचार्यों को केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया है। शिक्षकों ने बुधवार को मुख्य शिक्षाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। आंदोलित शिक्षकों का कहना है कि उनकी मांगों पर विचार नहीं करने पर वे परीक्षाओं का बहिष्कार भी कर सकते हैं।
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मुख्य शिक्षाधिकारी ने तुगलकी आदेश जारी किया है। अशासकीय स्कूलों में शासकीय स्कूलों के प्रधानाचार्यों को केंद्र व्यवस्थापक व कस्टोडियन बनाना गलत है। अशासकीय विद्यालयों में उनके ही प्रधानाचार्यों को केंद्र व्यवस्थापक बनाना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
-राजेश सैनी, जिलाध्यक्ष , उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ
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