अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
आप होली के मौके पर गुजिया खाकर जश्न मनाना चाहते हैं तो जरा संभलकर। कहीं ऐसा न हो कि आप मिलावटी मावे से बनी गुजिया खा लें और अस्पताल पहुंच जाएं। कारण कि होली के मौेके पर मोटी कमाई के चक्कर में मिलावटखोरों ने सिथेंटिक व नकली मावा बाजार में उतार दिया है। वहंीं ऐसे कारोबारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरखा विभाग की टीमें लगातार जांच अभियान चला रही हैं।
होली के मौके पर गुजिया में इस्तेमाल होने वाली मावे की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावटखोरों की भी सक्रियता बढ़ जाती है। मिलावटखोरों ने सिथेंटिक दूध से बना नकली मावा बाजार में उतार दिया है। स्वास्थ्य विभाग एवं खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने जांच पड़ताल तेज कर दी है। जिला अभिहित अधिकारी राजेंद्र एस पाल ने बताया कि मिलावट खोरों पर पैनी नजर रखी जा रही है। एक सप्ताह के भीतर पूरे जिले में मावा के 39 नमूने लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
वहीं डीएम दीपक रावत का भी कहना है कि प्रशासन की ओर से भी ऐसे मिलावटखोरों को धरदबोचने के लिए येाजना बनाई गई है। एसडीएम, तहसीलदारों व अपर तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अपने क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाएं।