श्यामपुर(हरिद्वार)। झिलमिल के आसपास पक्षियों का अध्ययन करने गई टीम ने 72 प्रजातियों की पहचान की। विशेषज्ञों ने झील के आसपास पक्षियों की 200 प्रजातियों के होने का अनुमान लगाया।
रसियाबड़ में चल रहे बर्ड वॉचिंग शिविर के दूसरे दिन बर्ड वॉचर का प्रशिक्षण ले रहे युवाओं सहित कुल 22 लोगों ने टीम के साथ शनिवार सुबह सात बजे से 11 बजे तक झिलमिल झील के आसपास के इलाकों का अध्ययन किया। बर्ड वॉचर संजय सोंधी ने बताया कि झिलमिल झील के आसपास 72 प्रजातियों के पक्षियों का अध्ययन किया गया। उन्होंने बताया कि झील के आसपास करीब 200 प्रजातियों के पक्षियों का होने का अनुमान है। जिसके लिए विस्तृत अध्ययन करने की जरूरत है। विशेषज्ञों की ओर से बर्ड वॉचर का काम सीख रहे युवाओं को कीट पतंगों के विषय में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि पक्षियों के अध्ययन के लिए झिलमिल झील सबसे उपयुक्त जगह है। पक्षी प्रेमियों के घूमने के लिए यह बेहतर जगह है। रेंजर प्रदीप उनियाल ने बताया कि झिलमिल में पक्षी प्रेमियों को आकर्षित करने के लिए प्रचार प्रसार किया जाएगा।