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दुकानदारों से सर्किल रेट से होगी किराये की वसूली

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
नगर निगम अपने किरायेदार दुकानदारों से प्रशासक की ओर से तय सर्किल दर से ही किराये की वसूली करेगा। किराया नहीं देने वाले दुकानदार को बेदखल करने की कार्रवाई के लिए भी निगम स्वतंत्र हो गया है। इससे ऐसे दुकानदारों का राज भी खुलेगा जिन्होंने नगर निगम की दुकान लाखों रुपये की पगड़ी लेकर किराये पर चढ़ा रखी है।
शासन की जांच कमेटी ने नगर निगम बोर्ड के दिसंबर 2013 के उस प्रस्ताव पर ब्रेक लगा दिया है जिसमें नगर निगम प्रशासक के निर्णय को बाइपास करते हुए दुुकानदारों से किराया दोगुना करने का निर्णय लिया गया था। बोर्ड के इस प्रस्ताव को तत्कालीन नगर आयुक्त ने दिशा-निर्देश प्राप्त करने के लिए शासन को भेजा था। शासन ने इस पर जांच कमेटी बनाई थी। निदेशक शहरी विकास निदेशालय की ओर शहरी विकास शासन को 4 जनवरी को भेजी जांच रिपोर्ट में नगर निगम बोर्ड के प्रस्ताव को नगर निगम अधिनियम की धारा 537 के अंतर्गत निलंबित करने की संस्तुति की है। अपर निदेशक उदय सिंह राणा की जांच रिपोर्ट बुधवार को ही नगर निगम को प्राप्त हुई है। जिसमें कहा गया है कि दुकानों का किराया कम करना नगर निगम के हित में नहीं है। हरकी पैड़ी क्षेत्र में जाह्नवी मार्केट तथा कालिंदी मार्केट सहित शहर में नगर निगम की 484 दुकानें हैं। इन दुकानों को कुछ लोगों ने अवैध रूप से बेच रखा है। इससे फर्जी दुकानदारों की मिलीभगत का राज भी खुलने वाला है।
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जो किराया नहीं देंगे उन्हें बेदखल किया जाएगा
जांच कमेटी ने नगर निगम बोर्ड दिसंबर 2013 के उस प्रस्ताव को निलंबित करने की संस्तुति की है, जिसमें दुकानों से दोगुना किराया लेने का निर्णय लिया था। अब तक नगर निगम के पास दो आदेश थे एक नगर निगम प्रशासक का सर्किल रेट से किराया लेने का और दूसरा वर्तमान किराये की दर से दोगुना किराया लेने का था, जिससे कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। अब शासन की जांच समिति ने बोर्ड के प्रस्ताव को निलंबित कर दिया है। ऐसे में सर्किल रेट से ही किराया लेने का रास्ता साफ हो गया है। अब जो दुकानदार सर्किल रेट से किराया जमा नहीं करेगा, उसके विरुद्ध नगर आयुक्त के आदेशानुसार बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।
- पीके बंसल, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम।
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