ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
डीएम दीपक रावत ने बुधवार को कलक्ट्रेट स्थित खनन अनुभाग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खनन के अनुभाग अधिकारी पंकज राजपूत से कार्यालय से संबंधित कार्यों की जानकारी ली। बिना क्रमांक और बिना रजिस्टर में दर्ज किए रखी फाइलों को देखकर उन्होंने आपत्ति जताते हुए स्पष्टीकरण तलब किया साथ अग्रिम आदेशों तक उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने पाया कि रिकॉर्ड में जिले के संचालित सभी क्रशर फाइलों को भी सूचीबद्ध नहीं किया गया था। डीएम ने इसे पत्रावली रखरखाव के मूल नियम का उल्लंघन बताते हुए सभी फाइलों को तत्काल सुव्यवस्थित कर किए जाने और फाइलों की निर्धारित पंजिका व इंडेक्स बनाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार जिलाधिकारी ने गार्ड फाइल के आदेशों का भी अवलोकन किया। इसमें भी खनन पट्टों, ईंट भट्ठों, भंडारण संबंधी आदेश अस्तव्यस्त पाए। डीएम ने कहा कि यदि शासनादेश ही संकलित नहीं किए जा रहे हैं तो उनका अनुपालन किस प्रकार किया जाएगा। खनन अनुभाग से आने वाली पत्रावलियां जिलाधिकारी की स्वीकृति के लिए बिना शासनादेश के जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत न की जाए। उन्होंने खनन संबंधी मामलों में उच्च न्यायालय, एनजीटी के आदेशों के अनुपालन में जिला प्रशासन द्वारा की गई सभी कार्रवाई, वसूली, आरसी आदि का संपूर्ण डाटा प्रस्तुत करने को कहा लेकिन ये सूचनाएं भी पंजिका में दर्ज नहीं पाई गई। जिलाधिकारी ने इसे शासकीय कार्यों में लापरवाही मानते हुए अपर जिलाधिकारी ललित नारायण मिश्र को खनन के अनुभाग अधिकारी पंकज राजपूत से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। स्पष्टीकरण देने तथा कार्यालय के सभी काम व्यवस्थित होने तक खनन अनुभाग अधिकारी के वेतन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। बाद में जिलाधिकारी ने जिला निर्वाचन कार्यालय में होने वाले कार्यों का भी निरीक्षण किया।