अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष विजय कुमार शास्त्री ने केंद्र और राज्य सरकार को किसान विरोधी बताया। कहा कि डबल इंजन की सरकारों ने किसानों को हरस्तर पर निराश किया है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों किसान कुंभ में लिए गए निर्णय के अनुसार आठ जुलाई को जिला अधिकारी के शिविर कार्यालय पर धरना- प्रदर्शन किया जाएगा।
मंगलवार को प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता में भाकियू के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने कहा कि मोदी सरकार के साथ ही राज्य सरकार ने भी किसानों को निराश किया है। चीनी मिलों पर बकाया गन्ने का भुगतान नहीं किया जा रहा है। चीनी मिल मालिक किसानों की समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं। हालात यह है कि मिल मालिक ही सरकार चला रहे हैं। किसानों के कर्ज माफी की घोषणा करने वाली सरकारों ने एक पैसा भी माफ नहीं किया। उन्होंने चेतावनी दी कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में किसान केंद्र सरकार को सबक सिखाएंगे। उन्होंने किसानों को मुफ्त बिजली देने, कृषि यंत्रों पर टैक्स माफ करने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश का किसान आर्थिक तंगी से आत्महत्या कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अनेकों योजनाओं की घोषणा तो कर देते हैं, लेकिन वह किसानों तक नहीं पहुंच रही है। 23 सितंबर से 2 अक्तूबर को दिल्ली में किसान एकत्र होकर किसान विरोधी नीतियों का खुला विरोध करेंगे।
मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के संरक्षक का पद संभालने वाले बलवंत सिंह चौहान ने कहा कि आर्थिक तंगी से गुजर रहा किसान अब किसी के बहकावे में आने वाला नहीं है।
उन्होंने भेल प्रशासन पर भी विस्थापित किसानों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। कहा कि भेल निर्माण के बाद खाली बची जमीनें भी किसानों को नहीं लौटाई जा रही हैं। जमीनों पर भूमाफिया कब्जा कर रहे हैं। किसानों के आंदोलन करने के बाद भी भेल प्रबंधन झूठ वादे कर किसानों को बहलाने में लगा हुआ है।
उन्होंने भिरूतीपुर के ग्रामीणों को भी रेलवे द्वारा अधिगृहीत जमीन का समुचित मुआवजा नहीं देने का आरोप लगाया। इस अवसर पर चौधरी सुकरमपाल सिंह, महेंद्र सिंह, बबलू, ओमप्रकाश सिंह, मोहम्मद आदि भी मौजूद रहे।