फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कई सालों के बाद पटरी पर चढ़ी जिला अस्पताल में इलाज व्यवस्था

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
हरिद्वार। जिला अस्पताल में आठ साल बाद व्यवस्थाएं पटरी पर लौटती नजर आ रही हैं। अब यहां आने वाले मरीजों को डाक्टरों की कमी से होने वाली दिक्कतों से दो चार नहीं हो पड़ रहा है। अस्पताल में सीएसएस और पीएमएस के अलावा 20 चिकित्सकों की तैनाती है। हर रोज दस से ग्यारह ओपीडी चल रही हैं। अब मरीजों को ओपीडी में लंबी लाइन में लगकर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ रहा है।
कुंभ-2010 के समापन के बाद से जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमरा गई थी। यहां से लगातार चिकित्सकों के तबादले होते गए और उनकी जगह पर कोई नहीं आया। जिन चिकित्सकों की यहां तैनाती थी भी उनमें से ज्यादातर अवकाश पर ही रहते थे। ऐसे में अस्पताल में तीन से चार ओपीडी ही चलती थी। कई बार तो ओपीडी में एक चिकित्सक होता था। जिससे मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। कुछ समय पूर्व शासन ने अस्पताल में पांच नए चिकित्सकों की तैनाती की। इसका सीधा असर व्यवस्थाओं पर नजर आने लगा। इस समय अस्पताल में हर रोज दस से ग्यारह ओपीडी चल रही है। मंगलवार को अस्पताल में 10 ओपीडी चली। जिसमें ईएनटी, सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ की दो, बाल रोग, फिजिशियन, जीडीएमओ, हार्ट, नेत्र की दो ओपीडी शामिल थी। अस्पताल में मंगलवार को विकलांग शिविर भी लगाया गया और शिविर के साथ हड्डी रोगियों को परामर्श दिया गया। इमरजेंसी भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती थी।
विज्ञापन

----------------
तीन महीने के बाद शुरू हुई बाल रोगियों की ओपीडी
करीब तीन महीने बाद जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी शुरू हो सकी है। बाल रोग विशेषज्ञ डा. ज्योति पाठक अपने खास परिजन की बीमारी के चलते हुए अवकाश पर चली गई थी। अब वह काम पर लौट आई हैं।
------------------
पहली बार ईएनटी की ओपीडी
जिला अस्पताल में पहली बार ईएनटी की ओपीडी शुरू हुई है। ईएनटी विशेषज्ञ डा. दीप्ति अग्रवाल ने अपनी सेवा देनी शुरू कर दी है। अब नाक, कान, गला के रोगियों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज नहीं कराना पड़ेगा।
----------------
आज से होंगे अल्ट्रासाउंड
जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डा. मनोज उप्रेती का इसी साल दिसंबर में देहरादून ट्रांसफर हो गया था। उनकी जगह किसी दूसरे रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हुई। छह महीने से अल्ट्रासाउंड कक्ष पर ताले लटके थे। अब बुधवार से मेला अस्पताल के अधीक्षक डा. राजेश गुप्ता यहां अल्ट्रासाउंड करेंगे। इसके लिए निदेशालय से आदेश जारी हो चुके हैं।
विज्ञापन

-----------------
अस्पताल में इस समय इमरजेंसी के अलावा 11 ओपीडी चल रही हैं। फिलहाल अस्पताल में 22 डाक्टर तैनात हैं। पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती होने से मरीजों को सभी सुविधाओं का लाभ मिलेगा और 24 घंटे सेवा मिलेगी। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा आज से शुरू हो जाएगी। उ
- डा. आरती ढौंढियाल, प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें