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जिला अस्पताल में 1

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हरिद्वार।
जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सकों की संख्या 18 तक पहुंच गई है। संख्या बल के हिसाब से देखें तो यह पूरी फौज है। इसके बाद भी पिछले कई दिनों से तीन से ज्यादा डाक्टरों की ओपीडी नहीं चल पा रही। इसकी वजह यहां कार्यरत डाक्टरों की मनमानी और अधिकारियों की तरफ से व्यवस्था नहीं बनाना है। यही कारण है कि जिला अस्पताल से मरीजों का भी मोहभंग हो गया है। अस्पताल में पहले जहां पांच सौ तक की ओपीडी होती थी वह अब घटकर तीन सौ रह गई है।
जिला अस्पताल में पहले से 14 डाक्टर तैनात थे। चार और डाक्टर अभी शासन की ओर से भेजे गए हैं। इन्होेंने भी ज्वाइन कर लिया है। इसके बाद भी अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधा नहीं मिल पा रही है। अधिकांश डाक्टरों के अवकाश पर चले जाने और एक मात्र फिजिशियन की ड्यूटी चारधाम में लगने से अव्यवस्था बनी हुई है। इस हफ्ते के चार दिनों की ओपीडी पर नजर डालें तो किसी भी दिन तीन से ज्यादा डाक्टर अपने कक्ष में नहीं बैठे। मंगलवार को तो एकमात्र फिजिशियन की ही ओपीडी चल सकी। बृहस्पतिवार को तीन ओपीडी ही चल सकी। जिनमें एक सर्जन एवं दो जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर्स (जीडीएमओ) की ओपीडी चल सकी। विशेषज्ञ डाक्टरों की ओपीडी नहीं चलने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गरीब लोग विशेषज्ञों के बजाय सामान्य डाक्टरों से ही जांच करवाने को मजबूर हैं। गिनती की ओपीडी चलने से मरीजों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
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इन मर्जों के डाक्टर तैनात हैं अस्पताल में
जिला अस्पताल में सीएमएस डा. अजय सिंह सैंगर के अलावा फिजिशियन डा. संदीप टंडन, सर्जन डा. अरुण पांडे, बाल रोग विशेषज्ञ डा. ज्योति पाठक, हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. ज्योति बोहरा, नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. चंदन मिश्रा, डा. सुब्रत अरोड़ा, हृदय रोग विशेषज्ञ डा. अनुपम चतुर्वेदी, जीडीएमओ डा. एके पालीवाल, डा. रामप्रकाश, एनेस्थीसिया डा. निष्ठा गुलाटी व डा. राजकुमार है। संविदा पर डा. आरके सिंघल, डा. केके करोली है। अब नए डॉक्टरों में ईएनटी डा. दीप्ति अग्रवाल, हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. शिवम पाठक, पैथोलॉजिस्ट डा. यूमन हसन और ईएमओ डा. विकास दीप है।
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रेडियोलॉजिस्ट की नहीं हो सकी तैनाती
शासन को जिला अस्पताल के लिए रेडियोलॉजिस्ट ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डा. मनोज उप्रेती को पिछले साल 15 दिसंबर को कोरोनेशन अस्पताल दून में अटैच हो गए थे। चार महीने से जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा ठप पड़ी है। मेला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट डा. राजेश गुप्ता हैं, लेकिन अस्पताल की मशीन की स्क्रीन की पिक्चर स्पष्ट न होने से अल्ट्रासाउंड ठप पड़े हैं। इससे एनएचएम के तहत जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली निशुल्क सुविधा का गर्भवती महिलाओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है। महिलाओं समेत मरीज निजी केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड कराने को मजबूर हैं। अब जनपद में केवल दो अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड तीन-तीन दिन हो रहे हैं। जिनमें वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट एसीएमओ डा. मनीष दत्त रुड़की स्थित सिविल अस्पताल में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड करते हैं तो सीएचसी ज्वालापुर पर मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को करते हैं।
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सीएमएस ने मकान खाली कराने को सात को जारी किए नोटिस
हरिद्वार। जिला अस्पताल में नए डाक्टरों की नियुक्ति हो गई है लेकिन पुराने डाक्टरों और अन्य स्टाफ के द्वारा आवासों को खाली न करने से इन्हें दिक्कत उठानी पड़ रही है। नया स्टाफ किराये के मकानों में ठहरने को मजबूर हैं। अब फिर से चार नए डाक्टरों ने अस्पताल में ज्वाइन किया है, तो उनका सबसे पहला सवाल मकान का है। यदि उन्हें ज्वाइन करते ही मकान मिल जाता तो वह ड्यूटी शुरू कर देते। अब समस्या को देखते हुए सीएमएस डा. अजय सिंह सैंगर ने जिला अस्पताल परिसर के आवासों में कब्जा जमाए सात डाक्टर एवं अन्य स्टाफ को नोटिस जारी कर तत्काल खाली कराने को निर्देश जारी किए है। जिसमें डा. जेएस चुफाल, डा. अनिल कुमार, डा. मनोज द्विवेेद्वी, डा. आरती ढौंढियाल, नीरज गुप्ता, जेपी चाहर, अंशु तोमर को नोटिस जारी किया है।
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