अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
ग्राम पंचायत बचाओ संघर्ष समिति जगजीतपुर ने गांव को नगर निगम में शामिल करने का विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री तथा शहरी विकास मंत्री के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्य सरकार का पुतला फूंककर इस निर्णय को वापस लेने की मांग उठाई।
जगजीतपुर में प्रदर्शन करते हुए लोगों ने कहा कि सरकार गुमराह करने के लिए 10 साल तक गृहकर नहीं लगाने की झूठी घोषणा कर रही है। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्राम जगजीतपुर को नगर निगम में शामिल नहीं होने दिया जाएगा, चाहे इसके लिए सुप्रीमकोर्ट तक क्यों न जाना पड़े। राजदीप मैनवाल ने कहा कि गांव जगजीतपुर का पौराणिक नाम यज्ञजीतपुर था जो आपसी भाईचारे का प्रतीक है। इसलिए गांव को नगर निगम में शामिल कर उसकी महत्ता से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। समिति के संयोजक यशपाल प्रधान ने कहा कि जब युवा रोजगार और खाते में 15 लाख रुपये का हिसाब मांग रही है तो मुख्यमंत्री झूठी घोषणाएं कर बरगला रहे हैं। प्रदर्शनकारियों में अजय नौटियाल, नीरज वालिया, अजय चौधरी, अश्वनी विश्नोई, प्रदीप कुमार, चंद्रपाल, प्रदीप, सोनू बर्मन, असीम वालिया, बलराम, किशोर पालीवाल, हरपाल मौर्य, ऋषभ मल्होत्रस्त्रत्त, सुमित राणा, सतीश कुमार, जगदीश कुमार, सुनील मौर्य, राकेश कुमार व अजीत कुमार शामिल थे।