हरिद्वार। योगगुरु बाबा रामदेव अब लंगोट से सूट तक सभी कुछ बनाएंगे। नागपुर यूनिट में पतंजलि ने इसका काम भी शुरू कर दिया है। दूध और छाछ के बाद वह पौष्टिक रेस्तरां की श्रंखला बना रहा है। महिलाओं के लिए भी वह प्रत्येक वस्तु बनाएंगे जिनकी उन्हें जरूरत रहती है। इसका सर्वे भी पतंजलि ने करवा लिया है।
औषधियों के क्षेत्र से शुरू हुआ बाबा रामदेव का कारोबार आज दर्जनों क्षेत्रों में दखल कर चुका है। योगगुरु ने बताया कि वह जींस भी देशी बना रहे हैं। अनुमान है कि इस वर्ष के अंत तक युवा पीढ़ी के लिए वह जींस बाजार में उतार देंगे। महिलाओं के लिए कॉस्मेटिक सामान की वे सभी रेंज उपलब्ध कराएंगे जो बहुराष्ट्रीय कंपनियां तैयार करती हैं। बाबा रामदेव ने बताया कि उत्तम खाद्य पदार्थ वस्तुओं को बनाने का काम वह कई वर्ष पहले शुरू कर चुके हैं। हरिद्वार की पतंजलि योगपीठ रेस्तरां के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्यवर्धक भोजन उपलब्ध करा रहा है। ऐसे रेस्तरां देश में पतंजलि के कई प्रतिष्ठानों में खोले जा चुके हैं। अब देश में पौष्टिक के नाम से होटल और रेस्टोरेंट की श्रृंखला शुरू की जा रही है। चंडीगढ़ में पौष्टिक रेस्तरां लोकप्रियता प्राप्त कर चुका है। असम के गुवाहाटी में पौष्टिक रेस्तरां शुरू हो गया है। इसमें पूर्वोत्तर के खाद्य पदार्थ बड़े पैमाने पर तैयार किए जा रहे हैं। ऐसे ही रेस्तरां बंगलुरू, मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद और चेन्नई में भी खोले जाएंगे।
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि भारत बहुत बड़ा देश है। इस देश को विदेशी कंपनियों ने जमकर लूटा है। जब से पतंजलि मैदान में उतरी है तब से बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने दाम कम करने पर मजबूर हो गई हैं। हम किसी भारतीय कंपनी को नीचा दिखाना नहीं चाहते, लेकिन उसे भारतीय जनता के लिए सस्ते प्रोडक्ट बाजार में उतारने होंगे। इस क्षेत्र में पतंजलि ने बड़ा काम किया है। पतंजलि परिवार ने एक विस्तृत अनुसंधान कर यह पता लगाया है कि देश की युवा पीढ़ी क्या खाना और क्या पहनना चाहती हैं। अभी तक यह पीढ़ी विदेशी उत्पादनों के पीछे पड़ी हुई है। वह दिन दूर नहीं जब अगले दो वर्षों में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के महिला उत्पादन पतंजलि से काफी पीछे रह जाएंगे। वस्तुओं के निर्माण में देशी पुट देना पतंजलि की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।