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नमामि गंगे घाट पर करिए 52 शक्ति पीठ के दर्शन

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जमीन के अभाव में जमीं पर नहीं उतरने वाली 52 शक्ति पीठ थीम पार्क योजना का छोटा स्वरूप अब नमामि गंगे घाट पर उतारने की तैयारी की जा रही है। नमामि गंगे घाट पर देशभर के 52 शक्ति पीठों के लाइटों, स्क्रीन और साउंड सिस्टम से दर्शन और उनसे जुड़ी महत्ता व जानकारियां हासिल कर सकेंगे।
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धर्मनगरी में तीर्थाटन को और बढ़ावा देने के लिए प्रदेश भर के लिए शुरू की गई 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन योजना में हरिद्वार में 52 शक्तिपीठ थीम पार्क बनाया जाना प्रस्तावित है। करीब चार साल पहले स्वीकृत की गई योजना के लिए जनपद में दस हेक्टेयर (150 बीघा) जमीन की आवश्यकता थी। वर्ष में गंगा किनारे कनखल क्षेत्र में नक्षत्र वाटिका के पास जमीन को चिह्नित भी कर ली गई थी, लेकिन बाद में यह जमीन बाढ़ आशंकित क्षेत्र में होने के कारणस इसे रद्द कर दिया गया। तब से योजना को धरातल पर लाने के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है।
जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे ने जब तक जमीन नहीं मिलती, तब तक चंडी घाट पुल के पास बनाए गए नमामि गंगे घाट पर 52 शक्तिपीठ थीम पार्क का छोटा स्वरूप उतारने की योजना बनाई है। लगभग दस करोड़ रुपये बनाई जा रही योजना के लिए शासन ने भी हामी भर दी है। 52 शक्तिपीठ थीम पार्क योजना में चंडी घाट रीवर फ्रंट यानी नमामि गंगे घाट पर लाइट एंड साउंड शो योजना शामिल की गई है। जिसमें एलईडी, स्क्रीनों के माध्यम से शक्तिपीठों की धार्मिक महत्ता और उससे जुड़े अन्य तथ्यों के वर्णन सहित गंगा अवतरण से जुड़ी जानकारियां पर्यटकों को दी जाएगी। बीच बीच में श्रद्घालुओं को शो के माध्यम से भी अवगत कराया जाएगा। संवाद
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एनएमसीजी की एनओसी का इंतजार
नमामि गंगे घाट पर 52 शक्ति पीठ थीम पार्क योजना का छोटा स्वरूप बनाने के लिए नेशनल मिशन फॉर गंगा (एनएमसीजी) से एनओसी मांगी गई है। इसके लिए पर्यटन विभाग की ओर से एनएमसीजी को पत्र भी भेजा है। अभी तक एनएमसीजी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है। अब केवल एनएमसीजी की एनओसी मिलने का इंतजार है।
जमीन मिलने तक 52 शक्ति पीठ थीम पार्क का छोटा स्वरूप नमामि गंगे घाट पर तैयार किया जाएगा। ताकि कम से कम तब तक श्रद्घालु 52 शक्ति पीठ के एलईडी स्क्रीन से दर्शन और मान्यताओं के बारे में जान सके। एनएमसीजी से एनओसी लेने के लिए रिमाइंडर भेजा जाएगा। एनओसी मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
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- सीमा नौटियाल, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, हरिद्वार
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