हरिद्वार। बागपत जेल में यूपी के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या से पहले कुख्यात सुनील राठी ने यह सुनिश्चित करना चाहता था कि उसकी मां राजबाला हरिद्वार जेल से बाहर आ जाए। राजबाला एक सप्ताह पहले जमानत पर छूटी है। माना जा रहा है कि मुन्ना की हत्या के बाद राठी को उसके करीबियों को जेल में खतरा था। इसलिए उसने पहले अपनी मां का जेल से छूटने तक का इंतजार किया।
कुख्यात सुनील राठी ने पिछले अट्ठारह साल में एक भी हत्या खुद नहीं की है। वह खुद वर्ष 2000 से जेल में ही है। हर वारदात को राठी गुर्गों से करवाता रहा। ये सवाल हर किसी को परेशान कर रहा है कि आखिर सुनील राठी की मुन्ना बजरंगी से क्या दुश्मनी थी। उत्तराखंड एसटीएफ के सूत्रों की माने तो मुन्ना की हत्या एकाएक नहीं हुई है, बकायदा इस पर कई माह से होमवर्क चल रहा था। राठी बेहद ही शातिर अपराधी है और अपने से बड़े कद वाले मुन्ना बजरंगी की हत्या प्लानिंग के तहत हुई है। सिर्फ नोंकझोंक होने पर, यह बात किसी को हजम नहीं हो रही है। चर्चा है कि राठी अपनी मां राजबाला को सुरक्षित करने के बाद ही मुन्ना की हत्या करना चाहता था, जिसमें वह कामयाब रहा।