शहर की डेरियों का गोबर सीवर में बहाने पर नगर निगम ने डेरी मालिकों पर शिकंजा कस दिया है। नगर निगम ने 50 डेरी मालिकों को नोटिस जारी करके एक सप्ताह के अंदर निस्तारण नहीं करने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
शहर में सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नगर निगम ने कार्ययोजना तैयार की है। सोमवार को मेयर मनोज गर्ग ने नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की। इस दौरान बताया गया कि शहर में चल रही डेरियों निकलने वाली गंदगी के निस्तारण के लिए कोई व्यवस्था मालिकों ने नहीं की है। सारी गंदगी सीवर लाइनों में बहाई जा रही है। शहर के सीवरेज सिस्टम के लिए यह बड़ी समस्या बनी हुई है। इस कारण कई जगह सीवर चोक होने की बात भी सामने आई। इस पर पचास डेरी संचालकों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए।
मेयर मनोज गर्ग ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर यदि नोटिस के अनुपालन में डेरी संचालकों ने अपने यहां गोबर और अन्य गंदगी के निस्तारण की व्यवस्था नहीं की तो 25 हजार रुपये का चालान कर उनका केस कोर्ट में भेज दिया जाएगा। एक पखवाड़े के बाद दोबारा ऐसा ही चालान कर काटा जाएगा। बैठक में निर्देश दिए गए कि मंगलवार से पूरे शहर में वार्डवार सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। बैठक में हरकी पैड़ी क्षेत्र में अलग-अलग शिफ्टों में सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। कांग्रेस के प्रदेश सचिव जेपी पांडे ने भी जिलाधिकारी को पत्र लिखकर सीवर लाइनों को खराब करने वाले डेरी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रवीण कुमार, मनोज कुमार और अन्य सफाई निरीक्षक मौजूद रहे।
चंडीगढ़ की तर्ज पर कूड़ाघर मुक्त शहर बनाने की तैयारी
नगर निगम प्रशासन ने हरिद्वार को चंडीगढ़ की तर्ज पर कूड़ेदान मुक्त शहर बनाने की कवायद शुरू की है। साथ ही सफाई व्यवस्था में जनता की सहभागिता बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है।
इसके लिए पूरे शहर में वार्डवार गंगा रक्षा दल गठित किए जा रहे हैं। शहर स्तर पर भी इस दल की कार्यकारिणी बनाई जाएगी। अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद मेयर मनोज गर्ग ने बताया कि पूरे शहर में घर-घर से कूड़ा एकत्र करने की योजना लागू की जा रही है। अभी तक केआरएल कंपनी के जरिये करीब 20 वार्डों में यह व्यवस्था लागू की जा रही है। उन्होंने शीघ्र ही इस योजना को सभी वार्डों में लागू करने की बात कही है। शहरभर में वार्डवार स्वयंसेवकों की टीम गठित की है। गंगा रक्षा दल के नाम से गठित इस टीम का नगर निगम क्षेत्र पर भाजपा के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र तिवारी को अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष संजय सहगल, मुकेश जोशी और डा. प्रमोद गोयल को महामंत्री बनाया गया है। सभी तीस वार्डों को मंडल का नाम देकर यहां गंगा रक्षा दल की 31 सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा। ये समिति आम जनता के स्वयंसेवियों को जोड़कर हर सप्ताह गंगा की सफाई करेंगे।