नगर निगम की तरफ से होर्डिंग ठेकेदार को 43 लाख की छूट देने के बाद भी उसने बकाया जमा नहीं किया। नगर निगम अधिकारियों ने कई स्तर पर ठेकेदार को छूट देकर उपकृत किया है।
नगर निगम सूत्रों के अनुसार होर्डिंग ठेकेदार को दो साल का ठेका एक करोड़ 97 लाख 66 हजार रुपये में दिया गया था। अधिकारियों ने 24 महीने की अवधि को बढ़ाकर 26 महीने कर दिया था। इस अवधि 7 मार्च को समाप्त हो रही है। अधिकारियों को होर्डिंग ठेकेदार ने एक पत्र दिया कि नगर निगम ने 126 स्थानों पर होर्डिंग लगाने का ठेका दिया था। इतने स्थान उसको दिए नहीं गए हैं। इसलिए अनुबंध को संशोधित किया जाए।
बताया जाता है कि ठेकेदार के पत्र पर तत्कालीन नगर आयुक्त अशोक पांडेय ने निरीक्षण कर आख्या मांगी। उनके स्थानांतरण के बाद काफी समय तक मामला लटका रहा। फिर नगर आयुक्त उदय सिंह राणा के समक्ष प्रकरण आया तो उन्होंने कर एवं राजस्व विभाग के होर्डिंग स्थलों का निरीक्षण कराया। उन्होंने अपनी निरीक्षण आख्या में 126 स्थान के सापेक्ष 106 स्थान पर होर्डिंग लगे होने की रिपोर्ट दी। इसके आधार पर नगर आयुक्त ने एक करोड़ 97 लाख 66 लाख रुपये के ठेके को एक करोड़ 54 लाख रुपये का कर ठेेकेदार को बकाया राशि जमा कराने का निर्देश दिया। ठेकेदार को 43 लाख की छूट देने के बाद भी उसने बकाया जमा नहीं किया।