फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

..व्यापारियों के लिए परेशानी बना बाजारों का कूड़ा

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन

स्वच्छता सर्वेक्षण में बुरी तरह पिछड़ने के बाद भी हरिद्वार नगर निगम ने सीख नहीं ली है और न ही शिवालिकनगर नगर पालिका की नींद अभी तक टूटी है। शहरी की सफाई व्यवस्था पटरी से उतरी होने के बावजूद भी शहर को साफ रखने की सुध न तो अधिकारी ले रहे हैं और न ही पार्षद। इससे बाजारों में गंदगी फैली पड़ी है। नालियों की पर्याप्त सफाई नहीं हो रही है। जिस कारण जनता के साथ ही व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हरिद्वार नगर निगम के कटहरा बाजार, कनखल, मोती बाजार, बड़ा बाजार, भीमगोड़ा, खडख़ड़ी सहित जगजीतपुर में गंदगी से बुरा हाल है। सफाईकर्मियों की ओर से पूरे क्षेत्र से कूड़ा एकत्रित कर एक स्थान पर ढेर लगा दिया जाता है और फिर वहां से समय पर कूड़ा न उठाने से दुर्गंध फैली रहती है। कटहरा बाजार में डेढ़ माह से नालियों की सफाई ही नहीं की गई है, जिस कारण नालियां कूड़े से भरी पड़ी हैं। यहां व्यापारियों ने कई बार नगर निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन अभी तक नालियों की सफाई नहीं हो सकी। जिस कारण दुकानों में दुर्गंध आने लगी है। शिवालिकनगर नगर पालिका का सूरत-ए-हाल तो नगर निगम से भी ज्यादा खराब है। यहां खाली प्लॉट गंदे पानी से भरे हुए हैं। कूड़ादान न होने और कोई सफाई व्यवस्था न होने के कारण कूड़ा सड़क किनारे फैला रहता है। चेयरमैन से लेकर नगर पालिका के अधिकारी तक सफाई व्यवस्था की तरफ आंखें मूंदे हैं। सभासदों की निष्क्रियता के कारण जनता परेशान है।
विज्ञापन

शामिल हुए नए क्षेत्र बदहाल
बीत वर्ष परिसीमन के बाद नगर निगम में जगजीतपुर का क्षेत्र शामिल किया गया था, लेकिन यहां सफाई व्यवस्था की गाड़ी अभी तक पटरी पर नहीं चढ़ सकी है। जहां-तहां फैला कूड़ा केंद्र सरकार के स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रहा है। लोगों की सुविधा के लिए नगर निगम की ओर से कूड़ादान भी नहीं रखवाए गए हैं। विष्णु गार्डन के समीप खुले में कूड़ा फेंकने से रोकने के लिए एक गार्ड की तैनाती की गई है, लेकिन गार्ड की कोई नहीं सुनता और न ही गार्ड अपने कार्य को ठीक से करता है।
बरसात में पानी भरने की आशंका
नालियों की पर्याप्त सफाई न होना और पानी की निकासी की कोई व्यवस्था न होने से बरसात में हरिद्वार के बाजारों में भारी जलभराव होता है। इस बार भी नालियों की सफाई नहीं हुई है। जिस कारण व्यापारियों को इस बार भी जलभराव से होने से नुकसान का डर सता रहा है।
क्या कहते हैं लोग
व्यापारियों के हितों को नगर निगम की ओर से अनदेखा किया जा रहा है। हर साल आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन समस्या आज भी जस की तस है।
- हर्ष वर्मा, अध्यक्ष, व्यापार मंडल
नगर निगम की उदासीनता के कारण कई बार खुद के पैसों से ही नालियां साफ करवानी पड़ती हैं। नगर निगम हो या केआरएल कर्मचारी किसी की नहीं सुनते। प्रशासन भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
विज्ञापन

- कमल अरोड़ा, महामंत्री, व्यापार मंडल
नगर निगम टैक्स वसूलता है। सफाई को पैसा लिया जाता है, लेकिन सफाई व्यवस्था चौपट है। बरसात में जलभराव होने से लाखों का नुकसान होता है।
- आशीष मेहता, शहर महासचिव
नगर निगम सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने में लगा है। बाजारों की संकरी गलियों में वाहन को ले जाने में समस्या आती है। योजना बनाई है सप्ताह में एक दिन बाजारों में नालियों की सफाई की जाएगी।
- कैलाश गुंज्याल, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम हरिद्वार
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें