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Haridwar: एंटीबायोटिक सप्लाई में 38.94 लाख की धोखाधड़ी, महाराष्ट्र और बेंगलुरु के दो व्यक्ति नामजद

Thu, 26 Mar 2026 05:02 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार

सार

आरोप है कि सप्लाई के दौरान ही माल में गड़बड़ी सामने आई। बताया कि 15 अक्तूबर 2025 को चंडीगढ़ में डील फाइनल होने के बाद 16 अक्तूबर को माल हरिद्वार स्थित ग्रोनबरी फार्मास्यूटिकल कंपनी को सप्लाई किया गया।
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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फार्मा कारोबार में महाराष्ट्र और बेंगलुरु की कंपनियों से जुड़े दो व्यक्तियों पर करीब 38.94 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। सिडकुल पुलिस ने देहरादून से ट्रांसफार होकर आई जीरो एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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पुलिस के अनुसार एगेंट लैबोरेटरीज प्रा.लि. के कुलदीप कुमार निवासी स्वास्तिक इनक्लेव, बद्रीपुर जोगीवाला देहरादून ने शिकायत में बताया कि एचएम फाइटोकैम नाम की कंपनी से एजिथ्रोमाइसिन एंटीबायोटिक के 12 ड्रम खरीदे थे। इसके लिए कंपनी ने 38.94 लाख रुपये एडवांस में आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किया। आरोप है कि सप्लाई के दौरान ही माल में गड़बड़ी सामने आई। बताया कि 15 अक्तूबर 2025 को चंडीगढ़ में डील फाइनल होने के बाद 16 अक्तूबर को माल हरिद्वार स्थित ग्रोनबरी फार्मास्यूटिकल कंपनी को सप्लाई किया गया।

जांच के दौरान हर ड्रम में करीब 2 किलो माल कम निकला, जिससे कुल 24 किलो की कमी सामने आई। इसके बाद जब उत्पाद का लैब परीक्षण कराया गया तो पूरा माल फेल पाया गया। आरोप है कि इसकी जानकारी सप्लायर मनीष कुमार और हरीश को दी गई। जिन्होंने शुरुआत में कमी पूरी करने या रकम लौटाने का आश्वासन दिया लेकिन बाद में मुकर गए।
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ग्रोनबरी कंपनी के दबाव में उन्हें अब तक 20.85 लाख रुपये वापस करने पड़े। वहीं सप्लायर न तो माल वापस ले रहे हैं और न ही रकम लौटा रहे हैं। मामले को लेकर एनएबीएल मान्यता प्राप्त लैब से भी जांच कराई गई, जिसमें उत्पाद फेल पाया गया। बावजूद इसके रिपोर्ट को नकारते हुए फर्जी टेस्ट रिपोर्ट भेजी। बाद में बातचीत में उन्होंने माल के फेल होने की बात स्वीकार भी की और रिप्लेसमेंट का आश्वासन दिया, लेकिन उसे भी पूरा नहीं किया।
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आरोप है कि खरीदार कंपनी की ओर से उन्हें लगातार दबाव और धमकियां दी गईं। 18 नवंबर 2025 को दोनों को कानूनी नोटिस भी भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। थानाध्यक्ष नितेश शर्मा ने बताया कि जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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