ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बृहस्पतिवार को गढ़वाल मंडल में नमामि गंगे योजना में किए गए कार्यों का लोकार्पण करेंगे। वह गंगा को प्रदूषणमुक्त, निर्मल और अवरिल बनाने के लिए किए लगभग 450 करोड़ रुपये लागत के कार्यों का लोकार्पण गंगा नदी की नीलधारा चंडीघाट में करेंगे।
उत्तराखंड में नमामि गंगे योजना में होने वाले कार्यों का शुभारंभ भी सात जुलाई 2016 को हरिद्वार में किया गया था। तब
उमा भारती के पास गंगा पुनरुद्धार एवं विकास मंत्रालय था। उनके साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पर्यटन मंत्री महेश शर्मा और तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने संयुक्त रूप से योजनाओं को शुरू कराया था। कार्यों का लोकार्पण भी हरिद्वार में ही हो रहा है। केंद्रीय मंत्री उत्तराखंड में बने 20 गंगा घाटों के अलावा गोपेश्वर, नंदप्रयाग, श्रीनगर आदि गंगातट के कस्बों में बने 14 सीवर शोधन संयंत्रों, ऋषिकेश के स्वर्गाश्रम, तपोवन, श्रीनगर और ज्ञानसू उत्तरकाशी के उच्चीकृत सीवर शोधन संयंत्रों का लोकार्पण भी हरिद्वार स्थिति गंगा नदी की नीलाधारा में करेंगे। इसके साथ ही हरिद्वार में कार्यदायी संस्था वैप्कोस की ओर से गंगा पर बनाए गए 650 मीटर लंबाई के स्नानघाट, श्मशान घाट, एसटीपी, ओवरहेड टैंक सहित अन्य संरचनाओं का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही कार्यदायी संस्था निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई केंद्रीय मंत्री से हरिद्वार में नमामि गंगे में कराए गए कार्यों का ज्वालापुर में कस्सावान नाला, पीडब्ल्यूडी नाला टेपिंग, उच्चीकृत सीवरेज पंपिंग स्टेशनों, पांडेवाला का पंपिंग स्टेशन, सराय के 14 एमएलडी के एसटीपी, लाल मंदिर का पंपिंग स्टेशन आदि लगभग 174 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण कराएगा।
उत्तराखंड में गंगा नदी को शत प्रतिशत प्रदूषणमुक्त व निर्मल बनाने के लिए नमामि गंगे की 885 करोड़ रुपये की योजना है, जिसमें से 450 करोड़ रुपये की लागत से स्थायी संरचनाओं का निर्माण, विकास और उच्चीकरण आदि का कार्य कराया जा रहा है। हरिद्वार में 18 में से 16 सीवरेज पंपिंग स्टेशनों का उच्चीकरण किया जा रहा है। सीवरेज पंपिंग स्टेशनों की 35 किलो लीटर के सापेक्ष 73 किलो लीटर की क्षमता वृद्धि की गई है। गंगा को प्रदूषणमुक्त बनाने के पूरे सिस्टम और उपकरणों को पारदर्शी और ऑनलाइन किया जा रहा है ताकि कोई भी नागरिक अपने मोबाइल सेेेे 24 घंटे सिस्टम को चेक कर सके।
-केके रस्तोगी महाप्रबंधक निर्माण मंडल (गंगा) हरिद्वार