हरिद्वार। मध्य हरिद्वार को जलभराव से निजात दिलाने के लिए शासन और प्रशासन की कवायद परवान नहीं चढ़ पा रही है। भेल में तालाब खोदने के लिए कोई भी ठेकेदार टेंडर डालने नहीं आया है। सूत्रों की मानें तो तालाब खुदवाने के लिए वन विभाग, एनजीटी समेत अन्य विभागों से अनुमति के झंझावत में कोई ठेकेदार नहीं फंसना चाहता। ऐसे में बरसात से पहले तालाब नहीं बन पाएंगे और शहर के लोगाें को पहले की तरह से जलभराव की समस्या से दो-चार होना पड़ेगा।
मध्य हरिद्वार में भगत सिंह चौक, चंद्राचार्य चौक, भभूतावाला बाग, टिबड़ी, विवेक विहार, मॉडल कालोनी, गोविंदपुरी, न्यू हरिद्वार, खन्नानगर में बरसात में पानी भर जाता है। यह पानी राजाजी के जंगलों और भेल की ओर से आता है। इससे निजात दिलाने के लिए शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने भेल में 12 तालाब खुदवाने के साथ, तालाबों में जमा पानी को पंपिंग के माध्यम से रानीपुर रौ में पहुंचाने के लिए योजना बनवाई। एक साल से इसको लेकर खूब प्रचारित प्रसारित किया जा रहा था। सत्ता पक्ष के लोग इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में गिना रहे थे। अब इस योजना पर जिस गति से काम चल रहा है उससे लोगों की उम्मीदें धुंधली होती जा रही हैं। तो पहले भेल प्रशासन ने तालाब खोदने की एनओसी नहीं दी। 15 दिन पहले भेल ने जिला प्रशासन को परिसर में सात पुराने तालाबों की सफाई और पांच नए तालाब खुदवाने के लिए एनओसी दी। जिसकी अनुमति मिलते ही जिला प्रशासन ने तालाब खुदवाने के लिए टेंडर प्रक्रिया का 4 जून को विज्ञापन जारी किया। विज्ञापन के अनुसार 8 जून को तालाब खुदवाने के लिए टेंडर प्रक्रिया के लिए ठेकेदारों को आमंत्रित किया। कुछ ठेकेदार भी पहुंचे, लेकिन किसी ने टेंडर के लिए प्राथमिक शुल्क जमा नहीं कराया और बोली भी नहीं लगाई। अब प्रशासनिक अधिकारियों ने ठेकेदारों से भी संपर्क किया और आने का वादा करते रहे, लेकिन बुधवार तक कोई भी ठेकेदार नहीं पहुंच्रा।
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तालाबों को खोदने के लिए अभी तक किसी भी ठेकेदार ने टेंडर प्रक्रिया में भाग नहीं लिया है। कुछ ठेकेदार और निर्माण एजेंसी संपर्क कर रही हैं। उम्मीद है शीघ्र ही तालाब खुदाई का काम शुरू हो जाएगा।
डा. ललित नारायण मिश्र, एडीएम, हरिद्वार।