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अंबेडकर नगर के इर्द गिर्द थी प्रेमी की लोकेशन

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हरिद्वार।
ज्वालापुर के आंबेडकरनगर निवासी नेहा यादव हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस की तफ्तीश में संदेह के घेरे में आए प्रेमी की लोकेशन वारदात के दिन घटनास्थल के इर्द गिर्द ही थी, लेकिन पुलिस की पेशानी पर बल उस वक्त पड़ गए जब प्रेमी के गंगनहर में डूबने की बात सामने आई। ऐसे में पुलिस की निगाह गंगनहर पर भी टिकी है।
बीस अप्रैल की देर शाम आंबेडकनगर में किराये पर रहने वाले अरुण यादव की पत्नी नेहा यादव की घर में ही बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। डबल बेड पर उसका शव पड़ा मिला था। घटना की सूचना पति ने ही मकान मालिक, अपने परिजन और ससुराल पक्ष को दी थी। इसलिए प्रथम दृष्टया पुलिस को ही आरोपी मानते हुए पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था। मृतका के पिता गजराज निवासी न्यू हरिद्वार कालोनी ने भी दामाद पर हत्याकांड को अंजाम देने का संदेह व्यक्त करते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। देर रात से लेकर सुबह तक हुई पूछताछ के बाद हत्याकांड ने नया मोड़ लिया। पति ने जुर्म का इकबाल नहीं किया बल्कि पत्नी के पुराने प्रेमी सोहनलाल पर शक जताया। अरुण के कई सवाल पर पुलिस का माथा ठनका तो प्रेमी की तलाश शुरू हुई। तब पता चला था कि वह गंगनहर में कूदा है, लेकिन एक बारगी पुलिस ने यकीन नहीं किया। अब कुछ चश्मदीद मिले है, जिन्होंने एक युवक को डूबते हुए देखा था। अब वो सोहनलाल ही था, इसकी पुष्टि शव मिलने पर ही हो सकती थी। हालांकि उसकी मां ने उसी दिन कोतवाली पहुंचकर बेटे के डूबने की सूचना दी थी। मां से जब पुलिस ने पूछताछ की थी तब वह बोली थी कि सुभाषनगर से लौटते वक्त बेटे को डूबते हुए देखा था। पुलिस ने जब सोहनलाल के मोबाइल फोन की लोकेशन निकाली तब घटना के दिन क्षेत्र में उसकी मौजूदगी होना सामने आई है और तब से उसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ है।
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इधर, पुलिस घटनास्थल के आस पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज एवं पति के मोबाइल फोन की लोकेशन एवं कॉल डिटेल रिकार्ड निकालने में जुटी है। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि एक युवक के डूबने की बात सामने आई है, अब वह सोहनलाल ही है, इसका पता शव मिलने पर ही हो सकता है।
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