चुनाव को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई है। निर्वाचन आयोग की ओर से वाहनों की मांग पर रोडवेज की बसें और टैक्सियों को अधिग्रहित कर लिया गया है। इसी क्रम में रोडवेज की 28 बसों को फोर्स लाने के लिए राजस्थान के कोटा व सीकर और यूपी के मथुरा रवाना कर दिया गया है। रोडवेज से मिली जानकारी के अनुसार यह बसें अब मतदान के बाद ही लौटेंगी। जिससे यात्रियों को अब एक सप्ताह तक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वहीं 12 फरवरी को 24 बसों को जिला मुख्यालय पर भी भेजा जाएगा। जहां से पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों के लिए रवाना होगा।
14 फरवरी को चुनाव है और चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को राजस्थान के कोटा शहर के लिए 16, सीकर के लिए पांच बसों को भेजा गया था। वहीं बुधवार को यूपी के मथुरा भी पांच बसों को फोर्स को लाने के लिए भेजा गया है। बसों के अधिग्रहण से यात्रियों का संकट बढ़ गया है। बसों का संचालन कम होने से यात्रियों को सफर करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हरिद्वार डिपो के बेड़े में कुल 111 बसें हैं। जिसमें 90 बसों का संचालन किया जाता है। 21 बसें ऑफ रूट या फिर वर्कशॉप में खड़ी रहती है। इसमें से 55 अनुबंधित बसें हैं। 56 बसें रोडवेज की हैं। 12 फरवरी को चुनाव में 24 बसों के और जाने से रोडवेज पर निगम की चार बसें ही बचेंगी। ऐसे में अनुबंधित बसों के सहारे यात्रियों को सफर करना पड़ेगा।
डग्गामार उठाएंगे चुनाव का फायदा
चुनाव में रोडवेज बसों के जाने से अब डग्गामार इसका फायदा उठाएंगे। बस अड्डे पर आगामी एक सप्ताह तक बस न मिलने के कारण लोकल रूटों पर तो डग्गामार वाहन चालक जमकर चांदी काटेंगे।
चुनावी खर्च में दिए गए 600 रुपये
फोर्स को लाने के लिए भेजी गई रोडवेज की बसों के चालकों को 600 रुपये अग्रिम खर्च के लिए दिए गए हैं। ताकि उन्हें फोर्स को गंतव्य तक जाने के दौरान खाना खाने में कोई परेशानी न हो।
फोर्स को लाने के लिए 28 बसें राजस्थान व मथुरा में गई है। 24 बसों को 12 फरवरी को जिला मुख्यालय के लिए रवाना कर दिया जाएगा। यात्रियों को कोई परेशानी न हो। इसके लिए भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
- प्रतीक जैन, एआरएम, हरिद्वार डिपो