अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
प्रशासन ने हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) के साथ मिलकर जिले के सात गांवों के कायाकल्प का निर्णय लिया है। जिले के अलग-अलग विकास खंडों के सात गांवों में तालाबों का विकास करने के साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए सामुदायिक कार्यशाला भवन का भी निर्माण कराया जाएगा। इन प्रस्तावों पर शीघ्र ही काम शुरू होगा।
मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी स्वाति भदौरिया की अध्यक्षता में हुई विभागीय के अधिकारियों की बैठक में कई प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इस दौरान मनरेगा और एचआरडीए के पास उपलब्ध धनराशि से विकास कार्य कराने का निर्णय लिया गया। मुख्य विकास अधिकारी नेे बताया कि जमालपुर कला, सिसौना और चुड़ियाला गांव में जहां तालाबों का सौंदर्यकरण कराया जाएगा, वहीं जमालपुर कलां, हसनपुर मदनपुर, श्यामपुर कांगड़ी तथा दौलतपुर गांव में महिला स्वयं सहायता समूहों की महिला कार्मिकों के लिए ऐसी कार्यशाला का निर्माण कराया जाएगा जहां वे सामूहिक रूप से अपने उत्पादों का निर्माण कर सकें।
उन्होंने दावा किया कि चुड़ियाला गांव स्थित माता चुड़ामणि मंदिर के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बोटिंग की भी व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए सीमित धनराशि का टिकट भी लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इन विकास कार्यों से हजारों लोगों को लाभ मिलेगा। बैठक में सभी विकास खंड अधिकारियों के साथ ही हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के अधिकारी भी मौजूद रहे।