ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार। सबसे पवित्र माघ मास का समापन मंगलवार को पूर्णिमा स्नान के साथ हो रहा है। इसी के साथ माघ की पंचस्नानी भी संपन्न हो जाएगी। अब फाल्गुन मास के कांवड़ यात्री धर्मनगरी में आने लगेंगे। कांवड़ यात्रा का समापन महाशिवरात्रि के दिन होगा।
माघ मास के दौरान पूरे महीने देश के विभिन्न भागों से श्रद्धालुओं का आगमन होता है। अलबत्ता प्रयाग कुंभ के चलते इस बार भीड़ कुछ कम रही। अब मंगलवार को पूर्णिमा पर समीपवर्ती राज्यों से कुछ श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाने आएंगे। पूर्णिमा के साथ ही फाल्गुन की कांवड़ यात्रा शुरू होगी। शुरुआती दिनों में देश के दूर-दराज भागों से तीर्थ यात्री गंगा नगरी आएंगे। फागुन मास में पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश के श्रद्धालु ही कांवड़ भरने आते थे। अब इस कांवड़ यात्रा का विस्तार राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा तक हो चुका है। इस कांवड़ मेले में भी वाहनों में सवार डाक कांवड़िए आखिरी दिनों में जल भरने आते हैं। फाल्गुन मास के कांवड़ मेले पर पंचकों का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कांवड़ यात्रा के दौरान की 25 फरवरी को शुक्र का प्रवेश मकर राशि में होगा। महाशिवरात्रि से अगले दिन बुध वक्री हो जाएंगे और फाल्गुन अमावस्या पर राहुल मिथुन राशि में और केतु धनु राशि में प्रवेश करेंगे।