ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
एक तरफ सरस्वती पूजा के बाद हर कोई पतंग उड़ाकर बसंत पंचमी को हर्षोल्लास के मना रहा था। वहीं दूसरी तरफ एसएमजेएन पीजी कॉलेज के कुछ छात्र-छात्राओं ने गरीब बच्चों के जीवन को शिक्षा से रोशन करने का प्रण लिया। साथ ही पुल जटवाड़ा के समीप घाट पर बच्चों का पढ़ाया भी। नए सत्र में इन बच्चों का अन्य लोगों की सहायता से स्कूलों में प्रवेश कराकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ेंगे।
एसएमजेएन पीजी कॉलेज की छात्रा मनु काजला ने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने और देश को उत्थान की तरफ ले जाने के लिए शिक्षित होना बेहद जरूरी है। देश में अशिक्षा और गरीबी के लिए जितनी जिम्मेदारी सरकार है उससे ज्यादा आम जनता जिम्मेदार जनता है, जो गरीब बच्चों के हाथों में पुस्तकें पकड़ाने के बजाए उन्हें भीख देते हैं। एमए प्रथम वर्ष की छात्रा देविका ने कहा कि यदि हर सक्षम व्यक्ति एक गरीब बच्चे को शिक्षित करने का बीड़ा उठा ले तो हमें सरकार के ऊपर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और देश का हर नागरिक शिक्षित होगा। बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा गायत्री शर्मा ने कहा कि शिक्षा सामाजिक विकास के साथ ही व्यक्ति के आंतरिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। शिक्षा के माध्यम से ही हम विद्या हासिल करने की ओर अग्रसर होते हैं। बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र राहुल ने कहा कि समाज में बदलाव के लिए किसी को तो आगे आना ही है। बसंत पर सभी माता सरस्वती का पूजा अर्चना करते हैं, लेकिन माता सरस्वती की वास्तविक पूजा गरीब बच्चों को शिक्षित करने से ही होगी और सभी को इस कार्य के लिए आगे आना चाहिए।