अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। रोड़ीबेलवाला चौकी के ठीक सामने होमगार्ड अंकुश सैनी से हुए विवाद के बाद हिरासत में लिए गए सप्तऋषि मंडल के भायजुमो मंडल अध्यक्ष विदित शर्मा को छुड़ाने के लिए भाजपाइयों ने शहर कोतवाली में जमकर हंगामा काटा। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद बैकफुट पर आई पुलिस ने मंडल अध्यक्ष को छोड़कर पिंड छुड़ाया। इधर, होमगार्ड ने भाजयुमो मंडल अध्यक्ष के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, गाली- गलौज करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है।
शुक्रवार को सप्तऋषि मंडल के भायजुमो मंडल अध्यक्ष विदित शर्मा मेला नियंत्रण भवन की तरफ से दोपहिया वाहन पर अपने एक अन्य साथी के साथ आ रहा था। होमगार्ड अंकुश सैनी ने मार्ग बंद होने की बात कहते हुए भाजयुमो नेता को दूसरे रास्ते से जाने की बात कही। इससे गुस्साए भाजयुमो मंडल अध्यक्ष ने होमगार्ड से गाली- गलौज कर दी। इधर, ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी दौड़कर पहुंचे और भाजयुमो नेता को पकड़ लिया।
इसी दौरान वहां पहुंची नगर पुलिस अधीक्षक ममता वोहरा ने भाजयुमो नेता को खरी- खरी सुनाई। फिर पुलिस उसे पकड़कर हरिद्वार कोतवाली ले आई। भायजुमो नेता के समर्थन में जिला महामंत्री विकास तिवारी, सप्तऋषि मंडल अध्यक्ष अनिरुद्ध भाटी, नरेश शर्मा, विनीत जौली, उज्जवल पंडित, कन्हैया खेवड़िया, किशन बजाज आदि की अगुवाई में कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे और जमकर हंगामा काटा। इधर, होमगार्ड की तहरीर पर भाजयुमो नेता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।
करीब एक से डेढ़ घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने बैकफुट पर आते हुए भाजयुमो नेता को छोड़ दिया।
तुरंत एसएसपी को लगाया फोन
होमगार्ड से विवाद होने के बाद भायजुमो मंडल अध्यक्ष ने सीधे एसएसपी कृष्ण कुमार वीके से मोबाइल फोन पर संपर्क साध लिया था। नेता ने होमगार्ड पर गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन तभी एसपी सिटी ममता वोहरा ने मौके पर पहुंचकर होमगार्ड को सही ठहराते हुए एसएसपी को पूरे प्रकरण से अवगत कराया। फिर भाजयुमो नेता को कोतवाली लाया गया।
काबीना मंत्री तक भी पहुंचा मामला
होमगार्ड बनाम मंडल अध्यक्ष प्रकरण में भाजपाइयों की खूब किरकिरी हुई। होमगार्ड की तहरीर पर चंद मिनट में मंडल अध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। अपनी फजीहत होने से बचने के लिए भाजपाइयों ने एक काबीना मंत्री से गुहार लगाई, तब कहीं जाकर मंडल अध्यक्ष की गर्दन पुलिस के हाथ से निकल पाई। सूत्रों के अनुसार काबीना मंत्री ने पुलिस के उच्चाधिकारियों पर दबाव बनाकर मंडल अध्यक्ष को छुड़वाने का रास्ता बनाया।