हरिद्वार। ज्वालापुर से रुड़की तक जगह-जगह क्षतिग्रस्त उत्तरी खंड गंगनहर एवं अपर गंगनहर की मरम्मत का कार्य 18 करोड़ रुपये की लागत से होगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने पुुरानी नहर की मरम्मत के लिए 11 करोड़ और नई अपर गंगनहर की मरम्मत के लिए 7 करोड़ रुपये की लागत की दो परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
उत्तरी खंड गंगनहर रुड़की, सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश के अधिशासी अभियंता सीबी यादव ने बताया कि नए वित्तीय वर्ष में धनराशि अवमुक्त होने पर नहर मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। दोनों नहरों की हालत इस समय काफी खस्ता है। उत्तराखंड बनने के बाद ज्वालापुर से रुड़की तक उत्तराखंड की सीमा में लगभग 23 किलोमीटर नहर पर वर्ष 1998 के बाद एक पैसा भी खर्च नहीं किया गया है। धनौरी, पिरान कलियर, पथरी पावर हाउस क्षेत्र में नहर की हालत खराब है। कटाव होने से नहर की पत्थरों की पक्की दीवारें टूट गई हैं। नहर पर बने घाट भी कटाव की भेंट चढ़ गए हैं। पक्की नहर पर पेड़ खड़े हो गए हैं जिनसे कटाव का खतरा है।
कर्नल कौटले द्वारा बनाई गई कच्ची उत्तरी खंड गंगनहर के मरम्मत की परियोजना 11 करोड़ और पक्की अपर गंगा कैनाल मरम्मत की सात करोड़ रुपये लागत की परियोजना स्वीकृत हो चुकी है। टूटी नहरों को ठीक करने के लिए नहर के गेटों की भी मरम्मत कराई जानी है। पेड़ों को जड़ सहित हटाया जाना है ताकि कटाव न हो। मार्च में बजट मिलने की उम्मीद है।
-सुशील यादव, सहायक अभियंता, उत्तरी खंड गंगानहर हैडवर्क, हरिद्वार।