अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
आउटडोर फोटोग्राफर मंच ने भी फूल प्रसाद बेचने वाले लघु व्यापारियों के आंदोलन का समर्थन किया है। मंच के संयोजक भीमसेन रावत ने कहा कि गरीबों का शोषण करने के लिए नगर निगम ने फूल फरोशी और प्रसाद बेचने का ठेका देकर अपनी मनमर्जी कर परिचय दिया है। निगम ने ऐसा ही व्यवहार आउटडोर फोटोग्राफरों के साथ करते हुए उन पर भी टैक्स लगाया था।
व्यापारियों ने कहा कि निगम फूलफरोशी कर परिवार चलाने गरीब लघु व्यापारियों का हक छीन रहा है। सरकार एक तरफ तो स्वरोजगार को प्रोत्साहन देने की बातें करती है। दूसरी तरफ स्वरोजगार में लगे लोगों को बेरोजगार किया जा रहा है। निगम में चुन कर आने वाले जन प्रतिनिधियों की जनसेवा ईमानदार लोगों के लिए सपना देखने जैसी हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम में ठेकेदारों का बोलबाला है। नगर निगम की कार्यप्रणाली और ठेकेदारों से लगाव को देखकर शक पैदा होता है कि भविष्य में हरकी पैड़ी के आसपास पटरी पर नाई का काम करने वालों का कार्य और रिक्शा का संचालन भी ठेकेदारों को न सौंप दिया जाए। नगर निगम गरीबों का भला करने के बजाय उनकी आवाज दबाने में अपनी शक्तियों का अधिक प्रयोग कर रहा है। मानवाधिकार संगठन भी ऐसे विषयों पर कभी आवाज नहीं उठाते।