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जांच से पहले 17 छात्र लापता, मुकदमा

Thu, 18 Aug 2016 12:08 AM IST
hridwar uttrakhanda india
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हरिद्वार। बीएएमएस की प्रवेश परीक्षा में मुन्नाभाईयों को हायर करके ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज में प्रवेश लेने वाले छात्रों की लिस्ट लंबी होती जा रही है। वर्ष-2013 बैच की जांच के दौरान 17 छात्र जांच कमेटी के सामने पेश ही नहीं हुए। जब कमेटी में शामिल सदस्यों ने इनके शैक्षिक दस्तावेजों की जांच की तो एडमिट कार्ड में लगी फोटो दूसरे छात्र भी नहीं पहचान पाए। कालेज प्रशासन ने सभी 17 छात्रों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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बुधवार को ऋषिकुल कालेज में वर्ष-2013 बैच की जांच पड़ताल प्रोफेसर कमेटी के साथ विजिलेंस टीम ने की। सुबह दस बजेे से शुरू हुई जांच में टीम के सामने 58 छात्र-छात्राओं में से 17 उपस्थित ही नहीं हुए। जबकि उपस्थित 40 में से पांच छात्र प्रथम दृष्टया संदिग्ध नजर आए। दोबारा जांच में पांचों के दस्तावेज सही पाए गए। इसके अलावा जो 17 छात्र उपस्थित नहीं हुए उनके दस्तावेज दोबारा से निकाले गए। तो इनमें से अधिकतर ईयर बैक वाले छात्र मिले। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के शैक्षिक प्रमाणपत्र भी संदिग्ध हैं। इन्हें भी जांच के लिए भेजा जा रहा है।

भाजपा नेता का पुत्र भी संदिग्ध
बीएएमएस में 2013 बैच का छात्र पुलकित आर्य पुत्र विनोद आर्य (भाजपा नेता) के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच की गई तो हाईस्कूल में किसी अन्य का फोटो तो इंटरमीडिएट में दूसरे का फोटो लगा मिला। साथ ही काउंसिलिंग में अन्य किसी तीसरे का फोटो मिला। इस छात्र ने एडमिशन लेते ही कालेज में राजनीति शुरू कर दी थी। अब इसकी पोल खुली तो सोमवार को अपने बैच के सभी छात्रों को जांच में शामिल नहीं होने पर भड़काता रहा। इस बैच के चार छात्रों को अनुशासन भंग करने के आरोप में निष्कासित करने को नोटिस जारी किया गया है। जांच कमेटी की माने तो पुलकित ने 20 अगस्त तक जवाब नहीं दिया तो वह खुद ही कालेज से निष्कासित हो जाएगा।
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27 छात्रों की ईयर बैक
2013 बैच में 27 छात्रों की ईयर बैक है। ये वही सभी छात्र हैं जिन्हें विश्वविद्यालय ने परिसर में परीक्षा के लिए बुलाया था। लेकिन इन सभी ने विवि परिसर में परीक्षा देने से इनकार कर दिया। इसके बाद से कालेज परिसर में ही परीक्षा कराने की मांग कर रहे थे। ताकि इनकी असलियत सामने न आ पाए। इसके बाद यह ऋषिकुल कालेज में परीक्षा की मांग कर रहे थे।

जांच रुकवाने को सीएम से भी मिले
अपनी प्रवेश परीक्षा अन्य से दिलवाकर बैक डोर से बीएएमएस की पढ़ाई कर रहे आरोपी छात्रों के परिजन मुख्यमंत्री हरीश रावत से भी मिले। उन्होंने जांच रुकवाने के लिए गुहार भी लगाई। लेकिन सूत्रों का कहना है सीएम ने उनकी नहीं सुनी।

2012 बैच की भी होगी जांच
गिरोह का सरगना 2012 बैच का है। इसलिए इस बैच पर भी शक है। हालांकि विवि की ओर से इस बैच की जांच के लिए अभी कमेटी को अनुमति नहीं दी है। कालेज निदेशक इस बैच की जांच के लिए विवि प्रशासन से अनुमति लेंगे।

अब गुरुकुल कांगड़ी कालेज की जांच
गुरुकुल कांगड़ी आयुर्वेदिक कालेज में 19 अगस्त से जांच होगी। सभी छात्रों को ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज में प्रोफेसर कमेटी के साथ विजिलेंस टीम के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा। कालेज के मानक पूरे नहीं होने पर वर्ष 2013 बैच में प्रवेश नहीं होने के चलते हुए यह बैच खाली रह गया। अब 2014 और 2015 बैच के प्रवेश की जांच होगी।

अभी तक वर्ष 2015 बैच के 56 छात्रों की, 2014 बैच के 55 छात्रों और 2013 बैच के 57 छात्र-छात्राओं की जांच की गई है। इनमें से 27 छात्र ऐसे पाए गए जिनकी फोटो एडमिट कार्ड से बिल्कुल नहीं मिलती। जबकि वर्ष 2012 बैच की जांच की अनुमति विवि प्रशासन से मांगी जाएगी।
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-प्रो. एएन पांडेय, निदेशक, ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज।
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