अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर आर्गनाइजेशन उत्तराखंड की प्रदेश कार्यकारिणी ने वर्ष 2016 से पूर्व के पेंशनर्स/ पारिवारिक पेंशनर्स की पेंशन संशोधन का शासनादेश नहीं करने पर रोष व्यक्त किया है।
अवधूत मंडल आश्रम ज्वालापुर में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में पेंशनर्स की समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया। कार्यकारिणी ने पूर्व विधायकों की भांति 65 वर्ष से पांच प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन वृद्धि करने, यू हेल्थ स्कीम तत्काल लागू करने, पेंशनर्स / पारिवारिक पेंशनर्स डे टू डे चिकित्सा ओपीडी भत्ता देने, 1996 से 2001 के बीच सेवानिवृत्त प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षकों को पंचम वेतनमान का लाभ देने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, पेंशन राशिकरण की वसूली 15 वर्ष के बजाए 12 वर्ष से करने, हरियाणा सरकार की भांति भारत भ्रमण की सुविधा प्रत्येक चार वर्ष में देने और स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का वेतन निर्धारण मई 1995 से 30 जून 2001 का पेंशन का लाभ कुुमाऊं मंडल के स्वास्थ्य कार्यकर्ता पेंशनर्स को दिए जाने की मांग की है। प्रदेश अध्यक्ष जेएस जैन की अध्यक्षता व महामंत्री बच्ची सिंह रावत के संचालन में हुई कार्यकारिणी की बैठक में शेर सिंह धंडैला, मधुसूदन अग्रवाल, टीपी उनियाल, संतीश चंद्र शर्मा, आरडी अग्रवाल, रविभूषण जोशी, महेंद्र कुमार, प्रताप सिंह, ज्ञानचंद्र शर्मा, एमपी मुद्रा, शेर सिंह अधिकारी, राजबहादुर शर्मा, रामकुमार अग्रवाल, जेके यादव, धनवंतरी थपलियाल व डा. कमलेश ने विचार व्यक्त किए।