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Kartik Purnima Ganga Snan: हरिद्वार में 16 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी

Tue, 08 Nov 2022 10:05 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार

सार

कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान का धार्मिक महत्व है। वर्ष का अंतिम स्नान पर्व होने के कारण बड़ी संख्या में विभिन्न प्रदेशों के श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं।
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कार्तिक पूर्णिमा पर हरिद्वार में गंगा स्नान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वर्ष के अंतिम स्नान पर्व कार्तिक पूर्णिमा पर हरिद्वार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से शाम तक गंगा घाटों पर इस कदर भीड़ उमड़ी कि कहीं तिल रखने की जगह नहीं बची। ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुए स्नान में शाम सात बजे तक 16 लाख 10 हजार श्रद्धालुओं ने गंगा में पवित्र डुबकी लगाई। शाम को चंद्र ग्रहण की अवधि में श्रद्धालुओं ने जाप और दान करके पुण्य कमाया। कड़ी सुरक्षा के बीच स्नान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

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Kartik Purnima Ganga Snan: हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने लगाई पावन डुबकी, तस्वीरें

कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान का धार्मिक महत्व है। वर्ष का अंतिम स्नान पर्व होने के कारण बड़ी संख्या में विभिन्न प्रदेशों के श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। मान्यता है कि इस दिन गंगा में स्नान और दान पुण्य करना सौ गुना फलदायी होता है। मंगलवार को चंद्रग्रहण के कारण स्नान और गंगा तट पर जाप का महत्व अधिक बढ़ गया इसलिए कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए सोमवार रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। सोमवार रात को ही होटल, लॉज, धर्मशालाएं और आश्रम पूरी तरह से पैक हो गए थे। वाहनों की पार्किंग फुल होने से सड़कों के किनारे और खाली मैदानों में वाहन खड़े करने पड़े। मंगलवार सुबह चार बजे से हरकी पैड़ी और आसपास के गंगा घाटों पर श्रद्धालु स्नान के लिए जुटने लगे थे।
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ब्रह्म मुहूर्त में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। दीपदान करके परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। सुबह 6:30 बजे से 7:30 बजे और दोपहर 12 से एक बजे तक स्नान का खास मुहूर्त था। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई। इस दौरान हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर पैर रखने तक की जगह नहीं मिली। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया स्नान करने वालों की संख्या बढ़ती चली गई। हरकी पैड़ी के अलावा सभी गंगा घाटों पर जहां तक भी नजर पहुंची वहां श्रद्धालु ही नजर आए। 5:22 बजे से 6:19 बजे तक चंद्र ग्रहण का प्रभाव रहा। इस अवधि में श्रद्धालुओं ने गंगा तटों पर जाप किया। चंद्र ग्रहण हटने के बाद भी घाटों पर स्नान करने वालों की भीड़ रही।

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