शहर में सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए दिए गए अल्टीमेटम की अवधि बीत जाने पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने सोमवार को शहर में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कूड़ा निस्तारण की स्थिति में सुधार आने पर सेनेट्री इंस्पेक्टरों के कार्यों को सराहा भी, मगर सफाई व्यवस्था में कमी देखकर असंतोष भी जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालात जब तक नहीं सुधर सकते जब अधिकारी अपने कार्य करने के ढर्रे में बदलाव नहीं लाते। कहा, अगले चरण में वह औचक निरीक्षण करेंगे और मौके पर ही बुलाकर अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे।
पिछले महीने केआरएल कंपनी के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर पांच दिन तक हड़ताल कर दी थी। उनकी हड़ताल के बाद शहर की सफाई व्यवस्था पटरी से उतर गई थी। शहर की बदहाल स्थिति को देखते हुए शहरी विकास मंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए दो बार अधिकारियों की बैठक ली थी और सफाई व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने अधिकारियों को सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए 30 जून तक का अल्टीमेटम दिया था। अब यह अवधि 30 को खत्म हो चुकी है।
सोमवार को वे अकेले ही निरीक्षण के लिए शहर में निकले। मध्य हरिद्वार, गोविंदपुरी आदि क्षेत्रों का निरीक्षण करने के दोपहर बाद शहरी विकास मंत्री ने डामकोठी पर नगर निगम के अधिकारियों की बैठक बुलाई। इस दौरान उन्होंने निर्माण विभाग के अवर अभियंताओं से नालों की सफाई की स्थिति जाननी चाही। पता चला कि दोनों ही अवर अभियंता बैठक में मौजूद नहीं थे। इस पर शहरी विकास मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। आनन फानन में दोनों अभियंताओं को बैठक में बुलाया। शहरी विकास मंत्री ने उनसे जब रिपोर्ट मांगी तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
इस पर उन्होंने दोनों को कड़ी फटकार लगाई और नालों की सफाई तलहटी तक करने के निर्देश दिए। सफाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए शहरी विकास मंत्री ने कहा कि शहर में काफी सुधार हुआ है। जिन स्थानों पर कूड़े के ढेर दिखाई देते हैं, आज वहां पहले जैसे हालात नहीं थे। हालांकि इसे पूरी तरह संतुष्टि लायक नहीं माना जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को और ज्यादा मुस्तैदी से सफाई कराने के निर्देश दिए। कहा कि जब तक काम का ढर्रा नहीं बदलेंगे तब तक स्थिति ऐसी नहीं बन पाएगी जैसी हरिद्वार के लिए होनी चाहिए। बैठक में अपर नगर आयुक्त नुपूर वर्मा, पेयजल गंगा प्रदूषण के अधिशासी अभियंता आरके जैन, सहायक नगर आयुक्त महेंद्र यादव, आरईएस के अधिशासी अभियंता रामजी लाल, कर निरीक्षक राहुल कैंथोला, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश शर्मा, पार्षद सुनील गुड्डु, नितिन माणा, मननु सैनी आदि मौजूद रहे।
सेनेट्री इंस्पेक्टरों के अधिकार बढ़ाए
हरिद्वार। पूरी बैठक में नालों और कूड़े की समीक्षा करते हुए कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने स्थिति में आए सुधार का सेहरा चारों सेनेट्री इंस्पेक्टरों के सिर बांधा। उन्होंने कहा कि जब से सेनेट्री इंस्पेटरों की जिम्मेदारी तय की गई है, तब से उन्होंने बेहतर रिजल्ट दिए हैं। निर्देश दिए कि अगर नालों की सफाई का निरीक्षण किया जाएगा तो अधिकारी इन चारों सेनेट्री इंस्पेक्टरों को साथ रखेंगे। उनकी संस्तुति रिपोर्ट को ही सही माना जाएगा। साथ ही उन्होंने केआरएल का भुगतान करने से पहले सेनेट्री इंस्पेक्टरों की रिपोर्ट भी जरूरी होनी बताई। शहरी विकास मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि कंपनी कूड़ा उठाने में सहयोग नहीं कर रही है तो केआरएल कंपनी पर प्रति घंटे पांच हजार का जुर्माना लगाया जाना चाहिए।