ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
राज्य आंदोलनकारियों ने राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक में राज्य आंदोलनकारियों की लंबित सात सूत्री मांगों का प्रस्ताव पारित कराने की मांग को लेकर चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे के नेतृत्व में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के खन्ना नगर कार्यालय में ज्ञापन दिया। शहरी विकास मंत्री की अनुपस्थिति मेें उनके प्रतिनिधि नरेश शर्मा ने ज्ञापन लिया।
ज्ञापन में चिह्निकरण से वंचितों आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण कराने, एक समान पेंशन, 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने, स्थाई राजधानी गैरसैंण बनाकर वहां सम्मान परिषद का कार्यालय खुलवाने और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की तरह समय सुविधाएं लोकायुक्त की नियुक्ति का प्रस्तावित परिसीमन क्षेत्रफल के आधार पर किए जाने आदि प्रमुख मांगें थीं। राज्य आंदोलनकारियों ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन में कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बने लगभग दो साल के कार्यकाल में सात सूत्री मांगों का निरंतर ज्ञापन देते रहे हैं। लेकिन, राज्य सरकार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। ज्ञापन देने वालों में समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे, मंजू लोहनी, रश्मि चमोली, दिनेश धीमान, भीमसेन रावत, विष्णुदत्त सेमवाल, आरएस नेगी, राजेश गुप्ता, कमला ढौंडियाल, कामरेड भगवान जोशी, किरण बिष्ट, बसंती पटवाल, रामदेव मौर्य, मधु नौटियाल, सरला नेगी, बलबीर सिंह नेगी आदि रहे।