हरिद्वार। दो दिन पहले एक कांस्टेबल के आत्महत्या का प्रयास करने के बाद अब दूसरा कांस्टेबल, जिसने उसे एक लाख रुपये की रकम उधार दी थी वह भी मानसिक तनाव में आ गया है। बताया जा रहा है कि इस कांस्टेबल कोे आत्महत्या करने वाले कांस्टेबल से एक लाख की रकम लेनी थी। अब वह अधिकारियों के सामने पेश होकर अपनी दास्तां सुना रहा है।
ज्वालापुर कोतवाली में तैनात एक कांस्टेबल ने दो दिन पहले फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। मौके पर पहुंची पत्नी ने उसे जैसे-तैसे फंदे से नीचे उतारकर उसकी जान बचाई थी। उस दौरान पुलिस जांच में सामने आया था कि आत्महत्या करने वाले कांस्टेबल ने अपने साथी एक कांस्टेबल से एक लाख रुपये की रकम उधार ली थी। कांस्टेबल ने अपनी रकम लेने के लिए दबाव बनाया तो उसने आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाया। इस घटना के बाद अब रकम देने वाला कांस्टेबल भी तनाव में आ गया है। विभाग में चर्चा है कि इसी तनाव के चलते अब रकम देने वाला कांस्टेबल अधिकारियों के पास पहुंचकर अपनी व्यथा सुना रहा है। उधर, एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय का कहना है कि इस मामले की जांच कराई जा रही है।
कांस्टेबल के हालत में सुधार
हरिद्वार। फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास करने वाले कांस्टेबल की हालत में सुधार बताया जा रहा है। मंगलवार को अन्य पुलिसकर्मी कांस्टेबल का कुशलक्षेम लेने के लिए जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल पहुंचते रहे। इधर, कांस्टेबल के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद सिडकुल पुलिस उसका बयान दर्ज कर सकती है। सोमवार को नवोदय नगर में एक कांस्टेबल ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या करनी चाही थी, लेकिन पत्नी की सक्रियता से कांस्टेबल की जान बच गई थी। सिडकुल के मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराए गए कांस्टेबल को हिमालयन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था, जहां उसकी हालत में पहले से सुधार बताया जा रहा है। कोतवाली प्रभारी मनोज मैनवाल ने बताया कि कांस्टेबल की हालत पहले से ठीक बताई जा रही है।