ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से संचालित राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) और सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) का विलय हो गया गया है। एक अप्रैल से ये समग्र शिक्षा अभियान के नाम से जाना जाएगा।
शिक्षा के स्तर को बढ़ाने केंद्र सरकार की ओर से कक्षा एक से कक्षा आठ तक के लिए सर्व शिक्षा अभियान और कक्षा नौ से 12 तक के लिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान शुरू किया गया था। दोनों योजनाओं का कार्य विद्यालय का विकास करना है और दोनों के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। जिन्हें अलग-अलग ही बजट जारी किया जाता है। दोनों योजनाओं का सेटअप अलग होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर कई बार सवाल उठते थे। साथ ही कार्य करने में भी अपेक्षाकृत ज्यादा समय लगता था। बीते वर्ष सरकार ने घोषणा कर राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और सर्व शिक्षा अभियान का विलय कर दिया। हालांकि अभी कुछ कुछ कार्यों को समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत ही किए जा रहे हैं, लेकिन विधिवत रूप से समग्र शिक्षा अभियान एक अप्रैल से धरातल पर उतरेगा और रमसा व एसएसए की टीमें एक साथ मिलकर कार्य करेंगी। मुख्य शिक्षा अधिकारी डा. आरडी शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और सर्व शिक्षा अभियान का विलय कर दिया है। जिस कारण अगले वित्त वर्ष से ये सर्व शिक्षा अभियान के नाम से जाना जाएगा।