हरिद्वार। श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के बांध से बृहस्पतिवार सुबह चार हजार क्यूमेक पानी छोड़ने से गंगा का जलस्तर 293.70 मीटर पर पहुंच गया। शाम को गंगा खतरे के निशान के करीब बह रही थी। जलस्तर बढ़ने से तटवर्तीय गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। इसके बाद जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया। हरिद्वार और लक्सर तहसील के एसडीएम, तहसीलदार के साथ राजस्व विभाग की टीम को मैदान में उतार दिया गया। वहीं लक्सर क्षेत्र में बाढ़ की आशंका पर राजकीय इंटर कॉलेज में टेंट लगाकर रहने और खाने की व्यवस्था की गई है।
बृहस्पतिवार की सुबह छह बजे श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के बांध से चार हजार क्यूमेक पानी छोड़ गया। बांध के अधिकारियों ने इसकी सूचना जिला आपदा प्रबंधन केंद्र हरिद्वार को दी। सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 293.20 मीटर था, चेतावनी के निशान से 20 सेंटीमीटर अधिक था। दोपहर दो बजे यह बढ़कर 293.70 मीटर तक पहुंच गया। गंगा जलस्तर शाम पांच बजे तक यथावत बना रहा। इसके बाद फिर से जलस्तर बढ़ने लगा और शाम छह बजे तक 293.90 मीटर तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान से मात्र 10 सेंटीमीटर कम था।
शाम छह से सात बजे के बीच 20 सेंटीमीटर पानी कम हुआ और गंगा 293.70 मीटर पर बह रही थी। बांध के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, रात में फिर से पानी बढ़ेगा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा कैंतुरा ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ते ही एसडीएम हरिद्वार और लक्सर को अवगत करा दिया गया। उनके निर्देशों पर तहसीलदार के साथ-साथ राजस्व टीम मैदान में उतर गईं। जलस्तर बढ़ने के बाद गंगा के किनारों पर बसे ग्रामीणों को सतर्क कर दिया है। लक्सर में 200 लोगों के ठहरने और खाने की व्यवस्था राजकीय इंटर कालेज में प्रशासन की ओर से की गई है। इसके साथ ही रेस्क्यू टीम को आवश्यक सामान भी उपलब्ध करा दिया है।
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श्यामपुर क्षेत्र के गांवों में दहशत
श्यामपुर। क्षेत्र के गंगा किनारे पड़ने वाले गांवों में बाढ़ आने की दहशत बनी है। गंगा का पानी यदि इसी तरह से बढ़ा तो कई गांवों में पानी घुसने का खतरा है। कांगड़ी, गाजीवाली, श्यामपुर, सजनपुर पीली, टाटवाला, गांव गंगा के किनारे पड़ते हैं। यहां गंगा का पानी गांव से सटकर बह रहा है। 2013 की आपदा में इन गांवों में काफी नुकसान हुआ था। गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने कई गांवों का दौरा किया। बाढ़ की आशंका को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ चौकियों में कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।