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194 दिन बाद ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का अनशन समाप्त1

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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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गंगा रक्षा के 194 दिनों से अनशन कर रहे मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा के ओर से लिखित आश्वासन देने के बाद अनशन समाप्त कर दिया है। हालांकि मातृसदन का कहना है कि यदि आश्वासन के अनुरूप कार्यवाही नहीं की गई तो गंगा की रक्षा के लिए मातृसदन से फिर से आंदोलन शुरू होगा। एनएमसीजी के महानिदेशक की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन में रायवाला से लेकर भोगपुर तक गंगा में खनन पर रोक लगाने, गंगा के पांच किलोमीटर के दायरे में लगे स्टोन क्रशर बंद कराने और गंगा पर बन रही बिजली परियोजनाओं पर दोबारा समीक्षा कर जल्दी ही कार्रवाई करने की संस्तुति करने की बात कही गई है।
शनिवार को एसडीएम कुसुम चौहान के नेतृत्व में पुलिस की टीम मातृसदन पहुंची। इसी बीच े राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के कार्यकारी निदेशक रोजी अग्रवाल और देहरादून में यूनिट प्रभारी प्रभात राज भी मातृसदन पहुंचे। उन्होंने एनएमसीजी के महानिदेशक का लिखित आश्वासन मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती को सौंपा। जिसके बाद एसडीएम कुसुम चौहान और प्रभात राज ने जूस पिलाकर ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का अनशन समाप्त कराया। एनएमसीजी के महानिदेशक के लिखित आश्वासन में कहा गया है कि अवैध खनन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। आदेशों के अनुपालन के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन को आदेश दिए गए हैं। एक विशेष टीम ने संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण किया है और उत्तराखंड के मुख्य सचिव को भी जिला प्रशासन को जारी निर्देशों का अनुपालन कराने का अनुरोध किया गया है। साथ ही ये भी कहा गया है केंद्र सरकार भी गंगा की अविरलता के लिए कृत संकल्प है और एनएमसीजी भी गंगा के अविरलता के लिए गंगा का ई-फ्लो बनाए रखने के लिए प्रयासरत है।
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इसके बाद मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि लिखित आश्वासन पर अनशन को विराम दिया गया है, लेकिन गंगा के लिए मातृसदन का संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। मातृसदन गंगा की रक्षा के लिए कृत संकल्प है और भविष्य में यदि आश्वासन के अनुरूप कार्यवाही नहीं की जाती, तो मातृसदन में गंगा की रक्षा के लिए आंदोलन फिर से शुरू होगा। इस दौरान माटु जन संगठन के संस्थापक विमल भाई, वर्षा वर्मा आदि मौजूद रहे।
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24 अक्तूबर को बैठे थे अनशन पर
प्रख्यात वैज्ञानिक स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद उर्फ प्रो. जीडी अग्रवाल का बीते वर्ष अनशन के 112 दिन 11 अक्तूबर को ऋषिकेश एम्स में देहावसान हो गया था। स्वामी सानंद की मांगों के समर्थन में ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद 24 अक्तूबर को मातृसदन में अनशन पर बैठे थे। 29 नवंबर को प्रशासन ने उन्हें जबरन उठाकर एम्स में भर्ती कराया था। वह वहां से बिना बताए मातृसदन आ गए थे। आत्मबोधानंद ने बीते माह 27 अप्रैल से जल त्यागने की घोषणा की तो एनएमसीजी के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा वार्ता के लिए मातृसदन पहुंचे थे। इसके बाद ब्रह्मचारी ने दो मई तक जल त्यागने की घोषणा त्याग दी थी।
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