ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
मंगलवार की पहली किरण गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के साधकों के लिए उत्साह, उमंग और स्फूर्ति लेकर आया। शांतिकुंज में होने वाले चतुर्थ खेल महोत्सव का आगाज हुआ। इसकी शुरुआत शैलदीदी ने सिक्का उछाल कर की। रस्साकसी के प्रदर्शनी मैच में डॉ. पंड्या की टीम विजयी रही। वालीबॉल के प्रदर्शनी मैच ने बुजुर्गों में भी उत्साह भर दिया।
रस्साकसी, वालीबॉल की सीनियर टीम में डॉ. प्रणव पंड्या, व्यवस्थापक शिव प्रसाद मिश्र, वीरेश्वर उपाध्याय, कपिल केसरी, हरीश ठक्कर,डॉ. ओपी शर्मा सहित शांतिकुंज के 60 से अधिक के वसंत देख चुके कार्यकर्ता शामिल रहे। राष्ट्रीय स्तर पर योग में परचम फहराने वाले गायत्री विद्यापीठ के विद्यार्थियों ने योग के विभिन्न आसनों का प्रदर्शन किया। आयोजक मंडल के अनुसार, खेल महोत्सव में दो समूह बनाया है, पहला समूह 35 वर्ष से कम और दूसरा समूह 35 वर्ष से अधिक का। तीन दिवसीय महोत्सव में कबड्डी, खो-खो, दौड़, रस्साकसी, वॉलीबाल, लंबी कूद और गोला फेंक में शांतिकुंज के अंतेवासी कार्यकर्तागण अपना हुनर दिखाएंगे। इस दौरान 60 वर्ष के अधिक आयु के खिलाड़ियों का भी विशेष आयोजन होंगे।
महोत्सव का शुभारंभ अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या और शैलदीदी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। प्रमुख ने खिलाड़ियों को खेल के अनुशासन का पालन करने की शपथ दिलाई। डॉ. पंड्या ने कहा कि यह उत्सव वासंतिक उल्लास के साथ जीवन में नव उत्साह भरने के लिए आयोजित हो रहा है। इसमें सभी कार्यकर्ता शामिल हों और जीवन को उत्सव मय बनाएं। उन्होंने कहा कि जीवन खेल का आधार है। शैल दीदी ने इस उत्सव के मनोहर रंग को जीवन की गहराई तक रंग देने की प्रेरणा दी। शैलदीदी ने पूर्व राष्ट्रपति वैज्ञानिक डॉ. अब्दुल कलाम को भी याद किया।