ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
हरिद्वार लोकसभा सीट पर अब 15 प्रत्याशी ही चुनाव मैदान में रह गए हैं। नाम वापसी के अंतिम दिन दो निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले लिया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित करते हुए आचार संहिता के नियमों की भी जानकारी दी। प्रत्याशी की खर्च सीमा धनराशि 70 लाख रुपये नियत है।
लोकसभा चुनाव के लिए हरिद्वार सीट पर 20 प्रत्याशियों ने नामांकनपत्र जमा किए थे, जिनमें तीन नामांकन पत्र कमियों के चलते हुए जांच में निरस्त हो गए थे। बृहस्पतिवार को दो निर्दलीय प्रत्याशी डा. प्रतिभा सैनी और भूषण लाल ने अपना नामांकनपत्र वापस ले लिया। इसके बाद अब हरिद्वार लोकसभा सीट पर 15 प्रत्याशी मैदान में बचे है। अब चुनाव मैदान में
भाजपा से डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, कांग्रेस से अंबरीष कुमार, बसपा से डा. अंतरिक्ष सैनी, उत्तराखंड क्रांति दल से सुरेंद्र उपाध्याय, उत्तराखंड क्रांति दल डेमोक्रेटिक से त्रिबिरेंद्र सिंह, बहुजन मुक्ति पार्टी से भानपाल सिंह, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया से फुरकान अली एडवोकेट, भारतीय सर्वोदय पार्टी से नरेंद्र, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक से ललित कुमार, हिंदुस्तान निर्माण दल से रीनू और निर्दलीय मनीष वर्मा, मोहम्मद आदिल, बच्ची सिंह, धर्मेंद्र, शिशुपाल सिंह मैदान में हैं।
अब एक ही ईवीएम यूनिट
हरिद्वार सीट पर अब 15 प्रत्याशी शेष रह जाने से जिला निर्वाचन की समस्या का बड़ा समाधान हो गया है। अब एक बूथ पर एक ईवीएम यूनिट से ही काम चल जाएगा। एक ईवीएम में 16 बटन होते हैं। अब 15 प्रत्याशी होने से 16 वां बटन नन आफ द अवब (नोटा) का रखा जाएगा। जिला निर्वाचन विभाग को चिंता थी कि यदि 16 प्रत्याशी मैदान में रह जाते तो नोटा के लिए अतिरिक्त ईवीएम यूनिट लगानी पड़ती।
हरिद्वार लोकसभा सीट पर 15 प्रत्याशी मैदान में शेष बचे हैं, सभी को चुनाव चिन्ह आवंटित कर आदर्श आचार संहिता के बारे में जानकारी दे गई है। अब समस्त प्रत्याशी पर निगरानी रखने को टीमों को मैदान में उतार दिया गया है।
- दीपक रावत, जिला निर्वाचन अधिकारी।