यूरिया न मिलने से गन्ना फसल प्रभावित
धनौरी। क्षेत्र की सहकारी समिति में यूरिया समाप्त होने से किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं। किसानों के सामने खेतों में खाद डालने की दिक्कत खड़ी हो गई है। कृषि विशेषज्ञों की माने तो नमी के दौरान डाली गई खाद फसलों के लिए बहुत उपयोगी है। इस समय खाद नहीं मिली तो गन्ना फसल प्रभावित होगी।
धनौरी क्षेत्र की कोटा मुरादनगर सहकारी समिति में इस समय यूरिया खाद नहीं है, जिससे समितियों के भरोसे रह रहे किसानों को बेहद परेशानी है। समितियों पर खाद न होने के कारण किसान बाहर से महंगी खाद खरीदने को मजबूर हैं। क्षेत्र की दोनों सहकारी समिति पर खाद न होने से तकरीबन दस हजार से अधिक समितियों पर खाताधारक किसानों को गन्ने की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। पिछले दो दिन से यूरिया खाद खत्म होने से किसान परेशान हैं। हाल में हुई बारिश से गन्ने की फसल में खाद की बेहद आवश्यकता है। इस समय गन्ने की फसल में खाद डाली जा रही है। किसान रघुवीर सिंह, मुकेश सैनी, लोकेश, बिजेंद्र, आशीष, विवेक, समंजित, अरविंद, मुल्कीराज, कुर्बान, रघुवीर सिंह, समय सिंह ने बताया कि फिलहाल नमी के दौरान खेतों मे डाली गयी खाद फसल के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। अगर समय पर खाद नहीं डाली गई, तो फसल की बढ़वार और उत्पादन पर असर पड़ेगा। कोटा मुरादनगर सहकारी समिति के सभापति राजीव गर्ग ने बताया कि यूरिया खाद की डिमांड जिला सहकारी समिति पर दे दी गई है। अगले एक-दो दिन तक खाद आने की उम्मीद है। प्रभावित गांव तेलीवाला, रसूलपुर, अजमेरीपुर, जस्वावाला, कोटामुराद नगर, आसफनगर, कोटा खेड़ा, डालूवाला कलां, रसूलपुर टोंगिया, रिठोरा ग्रंट, डालूवाला खुर्द, हजारा ग्रंट आदि गांव शामिल हैं।