अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
हरिद्वार जेल से कैदी गुरविंदर सिंह का वीडियो वायरल होने के मामले में हुई जांच के बाद एक प्रधान बंदी रक्षक और तीन बंदी रक्षकों को निलंबित कर दिया गया है।
हरिद्वार जेल में कैदी गुरविंदर सिंह और चांद मोहम्मद से अलग- अलग मोबाइल फोन बरामद हुए थे। इस संबंध में डिप्टी जेलर ने कैदियों के खिलाफ सिडकुल थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी। मोबाइल फोन बरामद होने के बाद कैदी गुरविंदर सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में कैदी गुरविंदर ने जेल अधीक्षक बीपी पांडेय, जेल स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए थे। कैदी ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से न्याय की गुहार भी लगाई थी। कैदी का वीडियो वायरल होने पर प्रमुख सचिव गृह आनंद बर्द्धन ने संज्ञान लेते हुए आईएएस तुलसीराम की अगुवाई में जांच कमेटी गठित कर दी थी। जांच समिति ने जेल में पहुंचकर जानकारी जुटाकर रिपोर्ट प्रमुख सचिव गृह को सौंप दी थी। कई दिन तक शासन में धूल फांक कर रही जांच रिपोर्ट के बाद अब कार्रवाई का चाबुक चला है। इधर, कैदी गुरविंदर को हरिद्वार जेल से दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया था। हरिद्वार जेल के प्रधान बंदी रक्षक प्रेमचंद्र, बंदीरक्षक शिवकुमार, पंकज चौहान एवं मुकेश पयाल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया गया है।