अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
ठेकेदारों ने पीडब्ल्यूडी कार्यालय पर तालाबंदी कर गेट के बाहर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ठेकेदारों के बजाय अन्य प्रदेश के ठेकेदारों को काम दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक राज्य सरकार अपनी नीति नहीं बदलती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
राजधानी देहरादून में धरने पर बैठे राजकीय ठेकेदारों के समर्थन में सोमवार को हरिद्वार के ठेकेदारों ने कॉंट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले लोनिवि कार्यालय पर तालाबंदी कर धरना दिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मपाल सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से राजकीय ठेकेदारों के लिए बनाई गई निविदा नियमावली से राज्य के सभी ठेकेदार कार्य से वंचित हो रहे हैं। नियमावली के तहत बड़ी-बड़ी निविदाएं निकाली जा रही हैं। ठेकेदारों को कई वर्षों का भुगतान नहीं होने से वे बाजार की देनदारी व मजदूरों की मजदूरी का भुगतान भी नहीं कर पा रहे हैं। टेंडर शुल्क भी लगभग 10 गुना बढ़ा दिया है। ठेकेदारों की मांग है कि टेंडर शुल्क को पहले की भांति किया जाए। इसके अलावा सभी निविदाएं ई-टेंडरिंग से की जाएं। पूर्व की भांति कंपाउंड स्कीम में शामिल की जाए। छोटी-छोटी निविदा निकाली जाएं। निविदा विक्रय के बिल ठेकेदारों को दी जाए। धरना देने वालों में वेदप्रकाश गुप्ता, विशाल त्यागी, अशोक चौहान, गिरीश भारद्वाज, निकुंज गुप्ता, आनंद सैनी, एमके मिश्रा, नंद किशोर, नसीम अहमद, रियाजुल हसन, राजकुमार, इकराम अंसारी, मनोज अग्रवाल, मनोज चौहान, वीरेंद्र रोतेला, मेहरबान आदि ठेकेदार शामिल रहे।